श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- खरगोन। प्रदेश के शहडोल में पांच हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए डॉक्टर के श्योपुर के बाद खरगोन जिले में भी पदस्थी की जानकारी के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि डॉ. महेश चंद शर्मा केवल शहडोल ही नहीं, बल्कि श्योपुर और खरगोन जिलों में भी संविदा मेडिकल ऑफिसर के रूप में पदस्थ है।
मामले के सामने आते ही तीनों जिलों के स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और अलग-अलग स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उक्त डॉक्टर की विभागीय आईडी में दिए गए नाम में अंतर है और वह तीनों जगह अलग-अलग मोबाइल नंबर उपयोग कर रहा था।
शहडोल के सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि डॉ. महेश शर्मा फरवरी 2024 से पीएचसी ऊफरी में पदस्थ थे, लेकिन नियमित उपस्थिति नहीं होने के कारण पिछले चार महीनों से उनका वेतन जारी नहीं किया गया। श्योपुर के सहसराम पीएचसी में भी उनकी पदस्थापना की जानकारी सामने आई है।
इस संबंध में श्योपुर के सीएमएचओ ने सेवा संबंधी जानकारी मांगते हुए उन्हें पत्र भी भेजा है। श्योपुर के सीएमएचओ डॉ. दिलीप सिंह सिकरवार ने बताया कि चार जुलाई को उन्हें लोकायुक्त ट्रैप की जानकारी और तस्वीरें मिली थीं। इसके बाद उन्होंने डॉ. शर्मा को फोन कर तत्काल कार्यालय बुलाया, लेकिन वे न तो पहुंचे और बाद में अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया।
अन्य लोकेशन से लगाई हाजिरी
खरगोन सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान ने बताया कि जिले के सेगांव ब्लॉक के केली प्राथमिक अस्पताल में पदस्थ डॉ. रमेश शर्मा की पूरी जानकारी निकाली जा रही है। प्रारंभिक तौर पर यह भी पता चला है कि वो दो दिन यहां रहकर सार्थक एप पर उपस्थिति लगाता था और उसने अन्य लोकेशन से भी यहां उपस्थिति लगाई है।
बनाया है जांच दल
सीएमएचओ डा. चौहान ने बताया कि डा. शर्मा के पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक दल गठित किया है। इसमें जिला मलेरिया अधिकारी, आरएमओ, सेगांव बीएमओ व लेखापाल को लिया गया है। उन्होंने कहा कि हम जिले स्तर की जांच कर उच्चाधिकारियों को भेजेंगे, कार्रवाई उच्च स्तर से होगी।







