श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- अनूपपुरः अधिवक्ता के घर में घुसकर चाकू से हमला करने के मामले में आरोपित अनिल नायक को राहत नहीं मिली है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती माया विश्वलाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपित की जमानत याचिका निरस्त कर दी। लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपित अनिल नायक (27 वर्ष), पिता सतीष नायक, निवासी घनश्याम नगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) ने अन्य आरोपितों के साथ मिलकर अधिवक्ता रामपाल परस्ते, निवासी लमसरई, राजेंद्रग्राम, के घर में घुसकर गाली-गलौज की तथा उनके साथ मारपीट की।
आरोप है कि इस दौरान आरोपित ने चाकू से हमला कर उन्हें घायल कर दिया घटना के संबंध में फरियादी अधिवक्ता रामपाल परस्ते की शिकायत पर थाना करनपठार पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
मामले में आरोपित अनिल नायक की ओर से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया था। सुनवाई के दौरान शासन की ओर से लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने जमानत का विरोध करते हुए मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों का हवाला दिया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अपराध की प्रकृति एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरोपित अनिल नायक की जमानत याचिका रस्त कर दी। आरोपी 15 मई से जिला जेल में निरुद्ध है।







