श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- जबलपुर। खमरिया थाना क्षेत्र के महगवां जंगल में मंगलवार को 22 दिन से लापता आदिवासी किशोर का कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई। पेड़ पर फंदे से खोपड़ी लटकी मिली, जबकि शरीर का कंकाल नीचे बिखरा पड़ा था।
चक्काजाम कर हत्या की आशंका जताई
दोनों हाथों की हड्डियां मौके से गायब थीं। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने डुमना रोड पर करीब एक घंटे तक चक्काजाम कर हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
अपहरण का प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू की थी
पुलिस के अनुसार महगवां निवासी नितिन बैगा (17) आठ जून को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। स्वजन ने काफी तलाश की, लेकिन पता नहीं चलने पर नौ जून को खमरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने अपहरण का प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी।
लटकी खोपड़ी और नीचे बिखरी हड्डियां दिखाई दीं
मंगलवार को कुछ ग्रामीण जंगल की ओर गए थे। इस दौरान उन्हें पेड़ से लटकी खोपड़ी और नीचे बिखरी हड्डियां दिखाई दीं। सूचना मिलने पर पुलिस और स्वजन मौके पर पहुंचे। कपड़ों और अन्य आधारों पर मृतक की पहचान नितिन बैगा के रूप में की गई।
निष्पक्ष जांच और सभी पहलुओं की पड़ताल का भरोसा दिलाया
प्रदर्शन के कारण एयरपोर्ट मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन प्रभावित रहा। पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और सभी पहलुओं की पड़ताल का भरोसा दिलाया, जिसके बाद जाम समाप्त कराया गया।
खमरिया थाना प्रभारी राजकुमार खटीक ने बताया कि कंकाल का पोस्टमार्टम कराया गया है। मृत्यु के कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।







