श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः जिले में सेफ क्लिक 2.0 साइबर जागरूकता अभियान को तेज कर दिया गया है। अभियान के तहत पुलिस विभाग की टीमें डोर टू डोर जाकर आम लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर रही हैं।
डिजिटल युग में बढ़ते आनलाइन फ्राड को देखते हुए पुलिस का यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट जैसे नए तरीकों से हो रही ठगी के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस ने समझाया कि कैसे साइबर अपराधी खुद को अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो काल पर डराते हैं। इसके अलावा फर्जी ई-केवाईसी अपडेट के नाम पर भेजे गए लिंक, ओटीपी साझा करने से होने वाली धोखाधड़ी, यूपीआई फ्राड और आनलाइन निवेश के नाम पर ठगी के मामलों की भी जानकारी दी गई।
लोगों को बताया गया कि लालच में आकर अनजान ऐप डाउनलोड न करें और ज्यादा मुनाफे के झांसे में न आएं। पुलिस टीम ने नागरिकों से अपील किया है कि किसी भी अज्ञात काल, लिंक अथवा संदेश पर बिना सत्यापन विश्वास न करें। अपनी बैंकिंग जानकारी, एटीएम पिन, सीवीवी या ओटीपी किसी के साथ साँझा न करें। बैंक या अन्य संस्था कभी फोन पर ये जानकारी नहीं मांगते।
इंटरनेट मीडिया पर भी अनजान लोगों से दोस्ती और निजी जानकारी साझा करने से बचें। इस अवसर पर पुलिस द्वारा साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता पेम्फलेट भी वितरित किए गए। पेम्फलेट में साइबर अपराध से बचने के उपाय सरल भाषा में बताए गए हैं। नागरिकों को समझाया गया कि यदि उनके साथ कोई साइबर घटना हो जाती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल करें या पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। जितनी जल्दी सूचना देंगे, उतनी जल्दी पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ती है। पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्वत ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से सबसे बड़ा बचाव है। इसी उद्देश्य से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।







