श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः मध्यप्रदेश के 5 लाख सेवा निवृत्त न कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर र प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन जिला । शाखा शहडोल ने मंगलवार को अपर 1, कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने कहा कि सालों से न्यायोचित मांगों का निराकरण शन होने से पेंशनरों में हताशा और न, व्यवस्था के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। इसका सीधा असर आर्थिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पड़ रहा है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष पीसी गुप्ता और सचिव केएम चतुर्वेदी ने ज्ञापन में 7 प्रमुख मांगें रखीं। पहली मांग म.प्र. राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49(6) को अविलंब समाप्त करने की है।
दूसरी मांग कैशलेश बीमा योजना में सेवा निवृत्त कर्मचारियों से 4 प्रतिशत प्रीमियम राशि वसूलने के प्रावधान को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे समाप्त कर 1 प्रतिशत करने की है। तीसरी मांग में कहा गया कि महंगाई राहत केंद्र सरकार की देय तिथि से अत्यधिक विलंब से जाती है, इसे केंद्र की तिथि से ही दिया जाए। चौर्थी मांग में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट व अन्य न्यायालयों के निर्देशों का हवाला देते हुए म.प्र. के पेंशनर्स को केंद्र की तिथि से महंगाई राहत लाभ देने की बात कही गई।
साथ ही उच्च न्यायालय के आदेशानुसार छठवें वेतनमान का 32 माह और 7वें वेतनमान का 27 माह का एरिवर 6 प्रतिशत ब्याज दर से अविलंब भुगतान करने की मांग की गई। पांचवीं मांग में 80 वर्ष की जगह 79 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर अतिरिक्त पेंशन देने, छठी मांग में मृतक सेवा निवृत्त कर्मचारियों के परिवार को भी अनुग्रह राशि देने की बात कही गई।
सातवीं मांग में भविष्य निधि, अर्जित अवकाश आदि स्वत्वों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और विलंब पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग रखी गई। ज्ञापन में एसोसिएशन ने कहा कि सेवा निवृत्त कर्मचारी सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें, इसलिए शासन को सहृदयता से विचार कर इन मांगों का शीघ्र निराकरण करना चाहिए। ज्ञापन सौंपते समय संभागीय अध्यक्ष राम कुमार पाण्डेय, संरक्षक चन्द्रशेखर ओझा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।







