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MP में भविष्य की चिंता में मौत को गले लगा रहे विद्यार्थी, इनमें छात्राएं सबसे ज्यादा; NCRB रिपोर्ट में सामने आई सच्चाई

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श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :-   भोपाल। मध्य प्रदेश में छात्र, सरकारी कर्मचारी, किसान और गृहणियां मानसिक तनाव झेल रहे हैं और इसी के चलते वे खुदकुशी कर रहे हैं। एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) द्वारा जारी 2024 की रिपोर्ट में यह चौकाने वाली जानकारी सामने आई है। करियर के तनाव को लेकर विद्यार्थी सबसे ज्यादा परेशान रहते हैं, इनमें भी छात्राओं को भविष्य को लेकर सबसे ज्यादा चिंता रहती है।

रिपोर्ट में मध्य प्रदेश में खुदकुशी के जो आंकड़े सामने आए हैं, वो यही बता रहे हैं। इस रिपोर्ट में मध्य प्रदेश में देश के उन टॉप तीन राज्यों में शामिल हैं, जहां सबसे ज्यादा लोगों ने खुदकुशी की है। इसमें विद्यार्थियों के साथ महिलाएं, किसान और सरकारी दफ्तरों के कर्मचारी की संख्या सबसे ज्यादा है।

एनसीआरबी की रिपोर्ट में आंकड़े सामने आए हैं उसके अनुसार साल 2024 में हर दिन करीब 42 लोग खुदकुशी की। एमपी में इस एक साल में 15400 से ज्यादा लोगों ने खुदकुशी की थी।

खुदकुशी करने वालों में विद्यार्थी सबसे ज्यादा

एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में मध्य प्रदेश में 1447 विद्यार्थियों ने खुदकुशी की थी। इसमें प्रदेश देश में तीसरे नंबर पर है। महाराष्ट्र में 1909 और उत्तर प्रदेश में 1585 विद्यार्थियों ने खुदकुशी की थी। सबसे डराने वाली बात यह है कि इनमें छात्राएं सबसे ज्यादा हैं, करियर की चिंता के तनाव में वो यह कदम उठा रही हैं। आंकड़ों के अनुसार एमपी में 2024 में 731 छात्राओं ने खुदकुशी की थी, जो छात्रों से ज्यादा है।

जितने बड़े शहर उतने ही ज्यादा मामले

रिपोर्ट में खुदकुशी के जो आंकड़े सामने आए हैं, उनमें मध्य प्रदेश के बड़े शहरों के नाम देश में सबसे ज्यादा आत्महत्या दर वाले शहरों की लिस्ट में शामिल हैं। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में खुदकुशी की दर 34 प्रतिशत से ऊपर बताई गई है और यह देश में चौथे नंबर पर है। वहीं राजधानी भोपाल में यह दर 28 प्रतिशत के ऊपर है और यह देश में सातवें नंबर पर है।

प्रतियोगी परीक्षाओं से बढ़ रहा तनाव

मध्य प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं में सबसे ज्यादा मानसिक तनाव देखने को मिलता है। ऐसे में वे भविष्य की चिंता को लेकर खुदकुशी जैसा कदम उठा लेते हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को इस मानसिक तनाव से उबरने में मदद करें और उन्हें काउंसलिंग सेंटर ले जाएं या मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट से संपर्क करें।

Shreya News
Author: Shreya News

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