श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- अनूपपुरः इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के बी वोकेशनल विभाग के एक छात्र ने विभागाध्यक्ष सहित विभाग से जुड़े कुछ लोगों पर मानसिक प्रताड़ना, छवि धूमिल करने, जातिगत भेदभाव और परीक्षा से वंचित किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। आवेदन देने के बाद भी जब कोई कार्यवाही नहीं हुई तो छात्र अधिकारों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण धरने पर 20 मई से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में भूख हड़ताल पर बैठ गया।
किन्तु अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया है। छात्र ने बताया कि 13 मई से हौने वाली परीक्षा से वंचित कर दिया गया। विभाग अध्यक्ष के द्वारा यह कहा गया कि अटेंडेंस शार्ट है और इंटरनल एग्जाम नहीं दिए। छात्र ने कहा कि कक्षाएं कम लगी और जो भी संचालित हुई उसमें उन्होंने पूरा समय दिया किंतु चार माह से जो ग्रुप भी बनाया गया था उससे उसे अलग कर दिया गया। उसके साथ लगातार अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है, जिससे उसका मानसिक संतुलन और शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है।
आरोप है कि इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर उसे आतंकवादी जैसे शब्दों से संबोधित कर बदनाम किया गया और उसके खिलाफ करीब 29 पृष्ठों की एक पीडीएफ वायरल की गई। इस संबंध में उसने पूर्व में भी विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित शिकायत और दस्तावेज उपलब्ध कराए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत में छात्र ने यह भी बताया कि उसे विभाग के आधिकारिक व्हाट्सएप और आनलाइन ग्रुप से बिना किसी पूर्व सूचना या लिखित आदेश के हटा दिया गया।
इससे वह विभागीय सूचनाओं, शैक्षणिक गतिविधियों और अन्य जरूरी संवाद से वंचित हो गया। इससे छात्र की पढ़ाई बाधित हुई। इंदिरा गांधी जनजाति विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, छात्र उत्पीड़न एवं आदिवासी छात्रों के साथ हो रहे भेदभाव के विरोध में आज शुक्रवार से विश्वविद्यालय परिसर में गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन एवं अन्य अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन एवं सामाजिक संगठन ने घेराव का निर्णय लिया है।







