श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय शहडोल के पुराने भवने का जर्जर पोर्च अब न्यायालय परिसर में आने वाले अधिवक्ताओं, पक्षकारों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। पोर्च के नीचे से लगातार प्लास्टर गिरने, गहरी दरारें पड़ने एवं संरचना के कमजोर होने से किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका व्यक्त की जा रही है।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल ने इसको लेकर मुख्य न्यायमूर्ति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय – जबलपुर को पत्र प्रेषित कर तत्काल – हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि यह पोर्च * वर्षों पुराना होने के साथ-साथ तकनीकी रूप से भी दोषपूर्ण है। पोर्च का ढलान गलत दिशा में निर्मित होने के कारण वर्षा जल की समुचित निकासी नहीं हो पाती, जिससे लगातार पानी का रिसाव होता रहा और पूरी संरचना कमजोर होकर जर्जर अवस्था में पहुंच गई। पत्र में कहा गया है कि वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, क्योंकि न्यायालय परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिवक्ता, न्यायालयीन कर्मचारी, पक्षकार एवं आमजन आवागमन करते हैं। ऐसी स्थिति में पोर्च का कोई हिस्सा गिरने पर बड़ी जनहानि हो सकती है।
राकेश सिंह बघेल ने आरोप लगाया है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा स्थायी समाधान करने के बजाय केवल छपाई एवं सतही मरम्मत कर लीपापोती कराई जा रही है, जबकि पोर्च की वास्तविक स्थिति को देखते हुए यह कार्य पर्याप्त नहीं है। जिला अधिवक्ता संघ ने कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई व भविष्य में कोई दुर्घटना अथवा जनहानि होती है, तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विभागों एवं प्रशासन की होगी।







