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शहडोल में भीषण सड़क हादसा: भाजपा युवा नेता समेत दो की मौत, अज्ञात वाहन ने बाइक को कुचला

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   श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :-  शहडोल जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला ब्यौहारी थाना क्षेत्र के जोरा पुलिया के पास सामने आया है, जहां एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक भाजपा युवा नेता राहुल द्विवेदी भी शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

शादी समारोह से लौटते समय हुआ हादसा

पुलिस के अनुसार टिहकी निवासी राहुल द्विवेदी (25) और अतुल तिवारी शनिवार रात झिरिया गांव में एक शादी समारोह में शामिल होकर बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे शहडोल-रीवा हाईवे पर जोरा पुलिया के पास पहुंचे, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

सुबह सड़क किनारे मिले शव, मचा हड़कंप

हादसा देर रात हुआ, लेकिन रविवार सुबह स्थानीय ग्रामीणों को सड़क किनारे दोनों युवकों के शव और क्षतिग्रस्त बाइक दिखाई दी। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

अस्पताल में जुटी भीड़, राजनीतिक जगत में शोक
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। राहुल द्विवेदी के भाजपा युवा नेता होने की पुष्टि के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में शोक की लहर फैल गई है।

एक सप्ताह में 9 मौतें, लगातार बढ़ रहे हादसे
शहडोल जिले में पिछले सात दिनों में सड़क हादसों में 9 लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में ब्यौहारी में बोरवेल वाहन ने मां-बेटे को कुचल दिया था। देवलौंद में बाइक हादसे में पिता-पुत्र की मौत हुई थी। शुक्रवार को भी ब्यौहारी और बुढार में अलग-अलग हादसों में दो युवकों की जान गई थी। अब यह नया हादसा जिले की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

 यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद यातायात नियमों के पालन को लेकर लापरवाही देखी जा रही है। बिना हेलमेट वाहन चलाना आम बात हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की सख्ती और हाईवे पर निगरानी न होने से हादसों में बढ़ोतरी हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त अभियान चलाया जाता और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाता, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं। लगातार हो रहे हादसों ने प्रशासन और यातायात विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Shreya News
Author: Shreya News

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