श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोल | जिला मुख्यालय से मात्र 6 किलोमीटर दूर स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज तक पहुंचने के लिए छात्रों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों का आरोप है कि निजी बसों के कंडक्टर और कर्मचारी न केवल उन्हें कॉलेज तक ले जाने से मना कर रहे हैं, बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार कर बीच सड़क पर उतार रहे हैं।
सीएम हेल्पलाइन. से लेकर कॉलेज प्रबंधन तक की गई शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बाणगंगा बाईपास तिराहे से गुजरने वाली निजी बसों, विशेष रूप से पक्षीराज और दीपक कंपनी की बसों पर छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। अमलाई से आने वाले एक छात्र ने बताया कि बसें रीवा तक जाती हैं और कॉलेज के सामने से गुजरती हैं, लेकिन कंडक्टर उन्हें बाणगंगा बाईपास पर ही जबरन उतार देते हैं।
हर सुबह 20 से अधिक छात्र बस स्टैंड और बाणगंगा बाईपास पर बसों का इंतजार करते हैं। छात्रों का कहना है कि किराया देने के बावजूद उन्हें बसों में बैठने नहीं दिया जाता। इस कारण उन्हें मजबूरी में ऑटो बुक करके कॉलेज जाना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। कुछ छात्रों ने यह भी बताया कि कई बार कंडक्टर उन्हें पहचान कर कोनी के पास बीच रास्ते में ही उतार देते हैं, जिससे उन्हें पैदल या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ता है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही प्रशासन ने बस ऑपरेटरों की मनमानी पर लगाम नहीं लगाई, तो आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।







