श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोल जिला अस्पताल में इलाज के दौरान रियाज मंसूरी पिता इस्लाम मंसूरी उम्र 28 वर्ष की गुरूवार दोपहर 3 बजे मौत हो गई। रियाज को जिला जेल प्रशासन द्वारा सीने में तकलीफ की शिकायत के बाद गुरूवार दोपहर 1.15 बजे जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था।
अस्पताल में प्रारंभिक जांच कर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि हार्टअटैक आया है। आईसीयू में इलाज के दौरान दोबारा अटैक आया और डॉक्टर रियाज को नहीं बचा सके। रियाज मंसूरी निवासी कल्याणपुर को जिला जेल शहडोल में 9 फरवरी 2024 को आईपीसी की धारा 306 में पांच वर्ष की सजा काटने के लिए न्यायालय द्वारा भेजा गया था। आईपीसी की धारा 306 आत्महत्या के लिए उकसान पर लगने वाली धारा है।
कार्डियोलॉजिस्ट होते तो बच जाती जान
चिकित्सा के जानकार बताते हैं कि हार्टअटैक के बाद भर्ती मरीज को कार्डियोलॉजिस्ट की मदद से आसानी से बचाया जा सकता है। जिला अस्पताल में ऐसे चिकित्सक को लेकर सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ का कहना है कि ऐसे डॉक्टर क्रिटिकल केयर यूनिट में होते हैं। जो मेडिकल कॉजेल में बन रहा है। उल्लेखनीय है कि शहडोल में मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं हैं। मेडिकल कॉलेज में डीन कार्डियोलॉजिस्ट हैं पर वे प्रबंधन में व्यस्त रहते हैं और इमरजेंसी में इलाज के लिए उपलब्ध होना मुश्किल होता है।







