श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- जबलपुर। बरगी बांध में गुरुवार की सुबह अपने घरों से दिन को खुशनुमा और यादगार बनाने की मंशा से निकले लोगों को क्या पता था कि उनकी जिंदगी के लिए यह दिन क्रूर यादों हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगा। बांध पर दोपहर पहुंचे लोगों ने खुशी-खुशी क्रूज का टिकट कटवाया, शाम होते-होते उसमें सवार भी हो गए, क्रूज बांध की लहरों पर हिचकोले खाते हुए आगे बढ़ा, बच्चों खिलखिलाए और उनके स्वजन उन्हें देखकर भाव से भर गए।
इस दौरान अचानक क्रूर आंधी पर सवार काल ने हाथ फैला दिए…बांध की अथाह गहरी लहरों पर क्रूज डगमगाने लगा, चंद पलों में क्रूज पर सवार लोगों की सांसें थम गईं। आंधी ने अपना रौद्र रूप धर लिया और देखते ही देखते आंधी से क्रूज हार गया और बांध में समा गया। यह महज हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही के भंवर में व्यवस्था का डूबने जैसा है। जिस लाइफ जैकेट से जिंदगियां बचाई जा सकतीं थीं, उन्हें पहनाने के लिए जिम्मेदारों की सजगता के प्रति लापरवाही साक्षात हो गई है….।
पर्यटन विभाग के इंतजाम आए सामने
- इस हादसे ने पर्यटन विभाग के इंतजाम और सजगता सामने ला दी है। मौसम बिगड़ने की पूर्व सूचना के बाद भी क्रूज को बांध में उतारने को भी लापरवाही माना जा रहा है। बरगी बांध में क्रूज डूबने में पर्यटन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शाम को मौसम खराब होने की आशंका के बावजूद क्रूज को चलाया गया।
- वहीं, बांध की लहरों की सवारी के लिए क्रूज पर लाइफ जैकेट पहनकर सवारी सुरक्षित तरीका है। इसकी पर्यटन विभाग के जिम्मेदारों ने अनदेखी की। इसके कारण गुरुवार को दर्दनाक घटना हुई। जिस समय हादसा हुआ क्रूज में लाइफ जैकेट रखे हुए थे, लेकिन अचानक तेज हवा चलने के साथ क्रूज संतुलन गड़बड़ाने के दौरान किसी को लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिला। जो पर्यटक लाइफ जैकेट पहने हुए थे, वह कुछ देर तक पानी में तैरते रहे, तो उन्हें बचा लिया गया। जो लाइफ जैकेट नहीं पहने थे वह पानी में डूब गए और उनकी मौत हो गई।
रेस्क्यू के सुरक्षा इंतजामों में कमी
घटनास्थल रेस्क्यू के लिए सुरक्षा इंतजामों की कमी भी नजर आई। अंधेरा होने पर टार्च लाइट की रोशनी में सर्च आपरेशन चलाया गया। हालांकि वहां चल रहे एक निर्माण कार्य में लगे मजदूरों ने घटना के बाद साहस दिखाया। गोता लगाकर कई जिंदगियों को सुरक्षित बचाया। इस हादसे के बाद मृतकों के स्वजन सदमें में हैं।







