श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- अमरकंटकः पवित्र नगरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दर्जा नहीं दिया गया है, जिससे यह केंद्र मूलभूत चिकित्सा सुविधाओं से वंचित है। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक जांच एवं उपचार की समुचित व्यवस्था न होने से स्थानीय नागरिकों सहित यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अमरकंटक क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे गंभीर समस्या जांच सुविधाओं का अभाव है। यहां मरीजों के खून की जांच सहित अन्य आवश्यक परीक्षणों के लिए सैंपल जिला मुख्यालय भेजना पड़ता है। स्थिति यह है कि आज लिया गया सैंपल दो से तीन दिनों के बाद रिपोर्ट के रूप में वापस आता है। इस दौरान मरीज असमंजस और चिंता की स्थिति में बना रहता है, क्योंकि उसे अपनी बीमारी का सही निदान नहीं मिल पाता और उपचार भी प्रभावित होता है। कई बार मरीजों को बिना स्पष्ट जानकारी के दवाइयां लेनी पड़ती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है।
जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष हरि सिंह उईके एवं एवं नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सितेश सरीवान ने संयुक्त रूप से कहा कि पवित्र नगरी का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर दिया गया है और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया लेकिन सुविधा आज भी जस की तस है उसमें कोई परिवर्तन अब तक नहीं आया है अब भी विकासखंड मुख्यालय पुष्पराजगढ़ तथा जिला मुख्यालय पर निर्भर होना पड़ रहा है। रक्त की जांच के लिए नमूना बाहर भेजा जाता है रिपोर्ट आने में समय लगता है तब तक बीमारी बढ़ती जाती है।
इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस का अभाव है। सोमवार को एंबुलेंस के अभाव में हिंडाल्को की मरीज को 5 हजार करके बाहर उपचार के लिए, भेजा गया। एंबुलेंस भी उपलब्ध कराया जाए तथा सुविधा भी पर्याप्त उपलब्ध होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्स-रे एवं सोनोग्राफी जैसी अत्यंत आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ है। आपातकालीन परिस्थितियों में यह कमी और अधिक गंभीर रूप ले लेती है, जब दुर्घटनाओं या अन्य आकस्मिक घटनाओं में तत्काल जांच की आवश्यकता होती है। ऐसी स्थिति में मरीजों को मजबूरीवश जिला अस्पताल की ओर रुख करना पड़ता है, जिससे समय की बर्बादी के साथ-साथ मरीज है।
स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों के जीवन पर भी खतरा मंडराने लगता ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि अमरकंटक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शीघ्र ही सभी आवश्यक जांच सुविधाएं, आधुनिक उपकरण तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों और आगंतुकों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।











