श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- बदनावर। कानवन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत दिवानिया के गांव बड़ोदिया में रविवार दोपहर हृदयविदारक हादसे में दो चचेरे भाइयों की चामला नदी में डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। विशेष रूप से यह तथ्य सभी को झकझोर देने वाला है कि रविवार को ही कृष्णपालसिंह का जन्मदिन था। ऐसे में खुशियों का दिन मातम में बदल गया।
नहाने के दौरान गहराई में समाए किशोर
जानकारी अनुसार 16 वर्षीय यशराज सिंह पुत्र गजराज सिंह और 16 वर्षीय कृष्णपाल सिंह पुत्र कमल सिंह दोपहर करीब 12 बजे गांव के अन्य बच्चों के साथ घर से लगभग 500 मीटर दूर चामला नदी की झरी में नहाने गए थे। उनके साथ एक अन्य चचेरा भाई भी था, जो कुछ देर बाद खेत पर पानी देखने चला गया। बताया जा रहा है कि नदी में पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं होने के कारण नहाते समय दोनों किशोर अचानक गहराई में चले गए और डूबने लगे। इनमें से केवल यशराज सिंह को ही तैरना आता था, लेकिन वह भी खुद को नहीं बचा सका।
ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाले शव
जब दोनों काफी देर तक पानी से बाहर नहीं आए और किनारे केवल कपड़े मिले तो पास में एक चरवाहा और घबराए बच्चों ने दौड़कर गांव में इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पहुंचे और लोहे की हेकड़ी बनाकर तलाश शुरू की। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। कानवन थाने के सहायक उपनिरीक्षक बालकृष्ण मिश्रा ने घटनास्थल पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल बदनावर भिजवाया।
जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं
चामला नदी में रविवार को हुए हादसे ने दो परिवारों की दुनिया हमेशा के लिए बदल दी। यशराजसिंह महज 16 साल की उम्र, आंखों में ढेरों सपने और माता-पिता का इकलौता सहारा। उसके जाने के बाद घर में जैसे समय थम गया है। पिता की खामोशी सब कुछ बयां कर रही है।
उधर, कृष्णपालसिंह जिसके लिए यह दिन सबसे खास होना था, उसकी कहानी भी कम मार्मिक नहीं है। करीब पांच वर्ष पहले ही उसके पिता कमल सिंह का निधन हो चुका था। रविवार को उसका जन्मदिन था। घर में सुबह से ही खुशियों का माहौल था, जन्मदिन मनाने की तैयारियां चल रही थीं। खुशियों की तैयारियों के बीच अचानक आई इस खबर ने पूरे घर को झकझोर कर रख दिया। जहां केक कटने की तैयारी थी, वहां रोने-बिलखने की आवाजें गूंज उठीं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिए गए। दोनों मृतकों के पिता आपस में सगे भाई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार सुरेश नागर भी अस्पताल पहुंचे और स्वजन से मुलाकात कर सांत्वना दी। असामयिक हादसे के चलते पूरे गांव में शोक का माहौल है। देर शाम दोनों किशोरों का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। गर्मी के मौसम में नदी-तालाबों में नहाने के दौरान इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती हैं। क्षेत्र में इस सीजन की यह पहली घटना है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।







