श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- बुढ़ारः जिले की बुढ़ार नगर परिषद विक्रमपुर सिंहपुर मार्ग पर स्थित रेलवे ब्रिज के पास अधूरी नाली निर्माण व्यवस्था के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गंदा पानी सडक पर बहने से लोगों को कीचड और बदबू के बीच से ही होकर गुजरना पड़ता है। जब बड़े वाहन यहां से निकलते हैं तो गंदे पानी के छींटे राहगीरों पर जाकर पड़ते हैं। इसके अलावा मंदिर आदि पवित्र जगह जाने वालों को इसी नाली के गंदे पानी के बीच से होकर जाना पड़ता है, जिससे उनको भारी दिक्कतें होती हैं।
नाली निर्माण छोड़ दिया अधूराः स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाली निर्माण कार्य आधा-धूरा छोड़ दिए जाने से शहर का गंदा पानी सीधे रेलवे ब्रिज के नीचे और सड़क मार्ग से बहता है, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, वाहन चालकों और ग्रामीणों को रोजाना दिक्कत झेलनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र बुढ़ार नगर परिषद के अंतर्गत आता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग द्वारा न तो. नाली निर्माण कार्य पूरा कराया गया है और न ही नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था की जाती है। परिणामस्वरूप गंदा पानी ब्रिज के नीचे जमा होकर सड़क पर फैल जाता है, जिससे दुर्गंध, गंदगी और फिसलन जैसी समस्याएं बनी रहती हैं।
प्रमुख मार्ग पर हैं ये हालातः यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग माना जाता है, जो सिंहपुर- विक्रमपुर सहित कई गांवों और ग्राम पंचायतों को जोड़ता है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं, लेकिन अधूरी नाली व्यवस्था के कारण लोगों को मजबूरी में गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में स्थिति कुछ सामान्य रहती है, लेकिन शहर बरसात शुरू होते ही समस्या विकराल रूप ले लेती है।
बरसात के दौरान का गंदा पानी तेज बहाव के साथ ब्रिज के नीचे और सड़क पर भर जाता जिससे पैदल चलना तक मुश्किल जाता है। दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है, वहीं स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
अभियान की जमीनी हकीकत कुछ औरः लोगों का कहना है कि एक और मध्य प्रदेश सरकार स्वच्छता अभियान, सफाई जागरूकता और स्वच्छ शहर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं, दूसरी ओर बुढ़ार नगर परिषद की लापरवाही से जमीनी हकीकत कुछ और ही दिखाई दे रही है। नागरिकों ने नगर परिषद और रेलवे विभाग से मांग की है कि संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कर तत्काल नाली निर्माण कार्य पूरा कराया जाए, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था बनाई जाए और नियमित सफाई कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
इस तरह से होती है परेशानी – नाली निर्माण कार्य आधा-अधूरा छोड़ दिए जाने से शहर का गंदा पानी सीधे सड़क पर लोगों को मजबूरी में गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ता है वर्षाकाल आते ही ये समस्या विकराल रूप ले लेती है दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है







