श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- सिंगरौली। बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में शुक्रवार को हुई 15 करोड़ रुपये की लूट की वारदात के पीछे आरोपितों ने एक महीने पहले से योजना बनानी शुरू कर दी थी। पुलिस पूछताछ में इस बड़े खुलासे के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
किराए के मकान में रहकर बनाई योजना
पुलिस के अनुसार बदमाशों ने मोरवा क्षेत्र में बड़ी मस्जिद के पास बदामी देवी का मकान किराए पर लिया था। मकान लेते समय उन्होंने खुद को मजदूर बताया, ताकि किसी को उन पर शक न हो। शुरुआत में तीन आरोपी वहां रह रहे थे, जबकि घटना से कुछ दिन पहले उनके दो और साथी भी आकर उनके साथ रहने लगे।
कोतवाली पुलिस ने रविवार शाम मकान का ताला तुड़वाकर तलाशी ली और मकान मालकिन बदामी देवी को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं।
रेकी कर चुना आसान निशाना
जांच में सामने आया है कि आरोपी रोज सुबह मकान से निकलकर बैंक और आसपास के इलाकों की रेकी करते थे। उन्होंने कई बैंकों को अपने निशाने पर लिया, लेकिन बैंक ऑफ महाराष्ट्र को इसलिए चुना क्योंकि वहां सुरक्षा गार्ड नहीं था, जिससे वारदात को अंजाम देना आसान लगा।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी कमलेश कुमार को बिहार के रोहतास से गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायालय से आठ दिन की पुलिस रिमांड मिली है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
अन्य आरोपितों की पहचान
इस वारदात में बिहार के नालंदा निवासी फंटूश उर्फ ननकी/ननकू, झारखंड के गिरिडीह निवासी राजेश कुमार और झारखंड के सिंहभूम निवासी छोटू व पंकज शर्मा शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपितों की पहचान कर ली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 10 टीमें झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।







