श्रेय न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः एक बात समझ लीजिए अभी आपकी बेटी की उम्र 18 साल पूरी नहीं हुई है। ऐसे में उसकी शादी करना उसके जीवन के साथ खिलवाड करना है। इसके साथ ही यदि आप उसका विवाह करेंगे तो यह बाल विवाह की श्रेणी में आएगा, जिसे कानूनन अपराध माना जाता है। इसलिए अच्छा होगा कि बेटी को 18 साल का हो जाने दीजिए, उसके बाद ही उसके हाथ पीले करना। यह बात मोहनी गांव में पहुंची टीम के सदस्यों ने बेटी का बाल विवाह कर रहे स्वजन से बात करते हुए कही।
हुआ यूं कि सूचना मिली थी कि मोहनी गांव में एक परिवार के लोग अपनी बेटी की शादी कम उम्र में कर के में रहे हैं। इस बाल विवाह को रोकथाम लिए टीम जिले की तहसील निगार अंतर्गत ग्राम मोहिनी पहुंची। अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की शिकायत प्राप्त होने पर प्रशासन ने त्वरित संज्ञान में लेते हुए बालिका का बाल विवाह रुकवा दिया। शिकायत की जांच के दौरान बालिका की आयु 18 वर्ष कम पाई गई।
डीपीओ अखिलेश मिश्रा ने बताया कि एसडीएम काजोल सिंह के मार्गदर्शन में तत्काल खंड स्तरीय टीम को मौके पर भेजा गया था। यह टीम बालिका के घर मोहिनी एवं उनके मामा के घर जगडा पहुंचकर बातचक कार समझाया और इस विवाह कौतक करा स इस टीम में सब इंस्पेक्टर गुलाब सिंह, ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव, पटवारी एवं महिला बाल विकास विभाग के मैदानी अमले के लोग मौजूद रहे।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किया जागरूकः
बाल विवाह कानूनन अपराध है इस बात को लोगों को समझाने के लिए नगर के सब्जी मंडी, न्यू बस स्टैंड सहित अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थानो में स्थानीय कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आमजन को बाल विवाह की रोकथाम के प्रति जागरूक किया गया। नाटक के माध्यम से बताया गया कि 18 वर्ष से पहले किसी लडकी व 21 वर्ष से पहले किसी लडके का विवाह करना बाल विवाह से अपराध माना गया है। ऐसे लोगों को की श्रेणी में आता है, जिसे कानूनी रूप अपराध साबित होने पर दो साल की कैद या एक लाख का जुर्माना या फिर दोनों का प्रविधान है।







