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सिवनी में एक करोड़ की सड़क बनते ही उखड़ी, केवलारी में भ्रष्टाचार की पोल खुली; ठेकेदार का भुगतान रोका

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  श्रेय न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :-   शिवनी। वार्ड क्रमांक एक मलारा में वैनगंगा नदी घाट से लेकर खरसारू मुख्य मार्ग तक लगभग एक किमी की नवीन सीसी सड़क का निर्माण नगर परिषद केवलारी द्वारा कराया जा रहा है।

गुणवत्ता को ताक में रखकर 96 लाख रुपये की सड़क बनाई जा रही है, जिसका टाप कोड सड़क पूर्ण होने से पहले उखड़ने लगा है।खास बात यह है कि लगभग एक करोड़ रुपये से बन रही यह सीसी सड़क नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता देवीसिंह बघेल के निवास मलारा गांव तक बन रही है।

वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद स्वराज सिंह बघेल का आरोप है कि पूरी सड़क में एक हिस्से का कंक्रीट इस तरह उखड़ रहा है, मानो वर्षों पुरानी के धुर्रे उड़ गए हों। जबकि लगभग दो माह पहले नई सीसी सड़क का निर्माण किया गया है। सड़क की बदहाल स्थिति के चलते क्षेत्रवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ठेकेदार की अधिकांश सड़कें जर्जर, उपयंत्री दो परिषदों का प्रभार

सीसी सड़कें जर्जर व क्षतिग्रस्त

इस सड़क का निर्माण धूमा के ठेकेदार नितिन पाटकर को दिया गया है, जिसके द्वारा केवलारी नगर परिषद क्षेत्र में बीते दो सालों में बनाई गई अधिकांश सीसी सड़कें जर्जर व क्षतिग्रस्त होकर बर्बाद हो चुकी हैं।

जानकारी के अनुसार गुणवत्ता की निगरानी करने केवलारी नगर परिषद के उपयंत्री दीपक उइके लंबे समय से कार्यरत हैं, जिनकी देखरेख में सभी निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। उपयंत्री दीपक उइके के पास छपारा नगर परिषद का भी प्रभार है, ऐसे में परिषद के कार्य किस तरह संपादित हो रहे होंगे, इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।

व्यस्तता का मैसेज भेजकर कॉल रिसीव नहीं किया

केवलारी क्षेत्र में सड़कों की बदहाली व गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्यों के संबंध में चर्चा करने उपयंत्री दीपक उइके से मोबाइल पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उपयंत्री ने हमेशा की तरह व्यस्तता का मैसेज भेजकर कॉल रिसीव नहीं किया। सीएमओ चंद्रकिशोर भांवरे से भी संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

इनका कहना है

सुनीता देवीसिंह बघेल, अध्यक्ष नगर परिषद केवलारी का कहना है कि सड़क निर्माण का भुगतान रोक दिया गया है, ठेकेदार को सुधार करने कहा गया है। जरूरत पड़ी तो उखाड़कर सड़क का पुन: निर्माण कराया जाएगा।

परिषद में सब इंजीनियर की समस्या है, जरूरी कामों के लिए उपयंत्री दीपक उइके से छपारा जाकर फाइलों में हस्ताक्षर कराना पड़ता है। उन्होंने केवलारी नगर परिषद कार्यालय आना बंद कर दिया है। सड़क निर्माण में गड़बड़ी पर कुछ ठेकेदारों को पहले ब्लैक लिस्टेड भी किया था, इससे ज्यादा क्या कर सकते हैं। ठेकेदार को कहा गया है कि जब तक गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं होगा, कोई भुगतान नहीं होगा। स्थल निरीक्षण कर उपयंत्री ने स्टीमेट किया होता, तो ऐसी समस्या नहीं आती। काली मिट्टी के कारण सड़कों में टूट-फूट हो रही है। क्षतिग्रस्त 3 सड़कों में डामरीकरण करने कई बार ठेकेदार से कहा जा चुका है।

बनते ही बदहाल हो गई यह सड़कें

वार्ड क्र. 8 डोकररांजी सीसी रोड का निर्माण 32.56 लाख रुपये से ठेकेदार नितिन पाटकर ने किया था। 740 मीटर लंबी सीसी सड़क का निर्माण वर्ष 2024 में कराया गया था, जो एक वर्ष की अल्प अवधि में बदहाल हो गई। इस सड़क में ठेकेदार से डामरीकरण करने का प्रस्ताव नगर परिषद ने पास किया था, लेकिन छह माह बाद भी सड़क की हालत जस की तस जर्जर है।

इसी तरह वार्ड क्रमांक 1 मलारा हनुमान मंदिर से खरसारू मेन रोड प्रहलाद के घर की ओर बनी गुणवत्ताहीन सीसी रोड में ठेकेदार को डामरीकरण करना था।

वार्ड क्रमांक 9 मलारी बस्ती में विजेंद्र यादव के घर से सिवनी मंडला रोड तक बनी गुणवत्ताहीन सीसी सड़क में भी ठेकेदार को डामरीकरण करना था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

प्रस्ताव के बाद भी नहीं हुआ काम

नगर परिषद ने पास किया था प्रस्ताव, ठेकेदार से स्वयं के खर्च पर कराएगा 3 सड़कों का डामरीकरण, स्थिति ’ढांक के तीन पात’

केवलारी नगर परिषद क्षेत्र में निर्मित अधिकांश सीसी सड़कें बीते एक-डेढ़ साल में जर्जर व खस्ताहाल हो गई हैं।

परफार्मेंस गारंटी में होने के बावजूद इन सड़कों की मरम्मत व पुन: निर्माण पर नगर परिषद कितना गंभीर है, इसकी स्थिति सड़क की बदहाली को देखकर लगाया जा सकता है।

सरकारी खजाने से लाखों रुपये बर्बाद करने के बाद भी आमजनों को ना सीसी सड़क पर चलने की सुविधा मिल रही है, ना ही निकाय के अधिकारी गुणवत्ताविहीन सड़क बनाने वाले ठेकेदार पर कार्रवाई अथवा रिकवरी कर सके हैं।

हैरानी की बात तो यह है कि इन तीनों सड़कों का नवनिर्माण करने 30 अक्टूबर 2025 को नगर परिषद केवलारी के सम्मिलन में बकाया तीन अलग-अलग प्रस्ताव पारित किए गए थे।

प्रस्ताव के अनुसार ठेकेदार नितिन पाटकर द्वारा स्वयं के खर्च पर गुणवत्ताहीन तीन सीसी सड़कों का डामरीकरण करना था। लेकिन बैठक में पारित निर्णय का क्रियान्वयन आज तक नगर परिषद नहीं करवा सकी है। उपयंत्री पर तय नहीं हुई कार्रवाई, ठेकेदार उपकृत

कार्यप्रणाली को संदेह के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया

ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि ठेकेदार पर किस तरह से उपकृत किया जा रहा है। हालांकि बैठक में गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण में उपयंत्री दीपक उइके पर किसी तरह की जिम्मेदारी तय नहीं किया जाना, जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की कार्यप्रणाली को संदेह के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है।

उपयंत्री व तकनीकी अधिकारियों के रहते हुए गुणवत्ताविहीन सड़क का निर्माण कैसे हो गया, समय रहते इसे क्यों नहीं रोका गया, कार्रवाई क्यों नहीं की गई। यह भी जांच का विषय है।

बैठक 8 विषयों पर बुलाई गई थी, जिसमें भवन-प्लाट नामांतरण के अलावा अन्य विषयों पर परिषद ने निर्णय लिया था। उल्लेखनीय है कि सिवनी नगर पालिका परिषद में पदस्थ रहे उपयंत्री दीपक उइके के कार्यकाल में हुई सामग्री खरीदी में वित्तीय अनियमितता जांच में पाया जाने पर वसूली प्रस्तावित की गई थी, जिसका प्रकरण वरिष्ठ अधिकारियों के पास अपील में विचाराधीन है।

Shreya News
Author: Shreya News

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