श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः जिला सत्र न्यायाधीश केएन सिंह की अदालत से दो वर्षीय पुत्री की हत्या करने के आरोपित पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। प्रकरण में सुनवाई के दौरान आरोपित पिता की पत्नी ने ही गवाही दी, जिसके आधार पर फैसला सुनाया गया। प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सुरेश जेठानी ने की।
जानकारी के अनुसार बुढ़ार के टिकरी टोला तलैया के पास रहने वाले संतोष प्रजापति श्रीवास्तव का एक जुलाई 2023 को बिरसिंहपुर पाली रेलवे स्टेशन के पास उसकी पत्नी पूजा से विवाद हो गया था।
इस दौरान पति-पत्नी के साथ उनकी दुधमुंही बच्ची देवकी ‘उर्फ किट्टी भी रही। संतोष का उसकी पत्नी से विवाद इतना बढ़ा कि उसने मारपीट शुरू कर दी। उसने पहले तो पत्नी के सिर पर पत्थर मारकर उसका कान चबा लिया। इसके बाद भी उसका क्रोध ठंडा नहीं हुआ और उसने दो साल की बच्ची को भी जमीन पर पटककर मौत की नींद सुला दिया।
घटना का पता चलने के बाद जीआरपी ने अपराध दर्ज कर आरोपित संतोष प्रजापति श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया और तफ्तीश पूर्ण करने के बाद केस डायरी जिला एवं सत्र न्यायाधीश केएन सिंह के समक्ष प्रस्ततु की। यहां न्यायालय ने अभियोजन एवं बचाव पक्षों की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और दलीलों को सुना। सुनवाई के दौरान आरोपित की पत्नी पूजा श्रीवास्तव सहित 18 अन्य लोगों की गवाही के आधार पर न्यायालय ने 11 अप्रैल 2026 को अभियोगी संतोष प्रजापति श्रीवास्तव को दोषी करार दिया।
उसे बेटी की निर्मम हत्या के मामले में आजीवन कारावास और पत्नी पूजा के साथ मारपीट के आरोप में तीन वर्ष का सश्रम कारावास सुनाया गया। जिला सत्र न्यायाधीश ने अपने फैसले में यह व्यवस्था भी दी कि दोनों सजाएं एकसाथ चलेंगी।







