श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- जबलपुर/मैहर: मैहर रेलवे स्टेशन पर सोमवार रात एक मासूम बालक के लिए कौतूहल और डर के बीच उतार-चढ़ाव भरी रही। रानी कमलापति-रीवा (20173) वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) की चमक देखकर एक 11 वर्षीय बालक कोच के भीतर चला गया, तभी ऑटोमेटिक दरवाजे बंद हो गए और ट्रेन रवाना हो गई।
ऑटोमेटिक गेट ने बढ़ाई घबराहट
जिस समय वंदे भारत मैहर प्लेटफार्म पर पहुंची, वहां एक परिवार दूसरी ट्रेन की प्रतीक्षा कर रहा था। परिवार का बालक उत्सुकतावश सी-थ्री (C-3) कोच में प्रवेश कर गया। ट्रेन के चलते ही दरवाजे लॉक हो गए। प्लेटफार्म पर खड़े परिजन और कोच के अंदर बालक, दोनों एक-दूसरे को बिछड़ता देख बुरी तरह सहम गए।
TTE संजय तिवारी बने मददगार
ट्रेन के टिकट निरीक्षक संजय तिवारी की नजर दरवाजे के पास डरे हुए बालक पर पड़ी। उन्होंने स्थिति को भांपते हुए तुरंत बच्चे को पानी पिलाया और चॉकलेट देकर शांत कराया। इसके बाद उन्होंने बालक से जानकारी लेकर मैहर स्टेशन पर संपर्क साधा और उसके माता-पिता से फोन पर बात कराई, जिससे परिवार को राहत मिली।
सतना में हुआ सुखद मिलन
सतना स्टेशन पहुंचने पर बालक को पूरी सुरक्षा के साथ ऑन-ड्यूटी आरपीएफ और डिप्टी एसएस के सुपुर्द किया गया। कुछ ही देर में मैहर से परिजन सतना पहुंचे, जहाँ उचित कागजी कार्रवाई के बाद बालक को सुरक्षित उन्हें सौंप दिया गया। रेलवे कर्मियों की इस मानवीय संवेदनशीलता की चारों ओर प्रशंसा हो रही है।







