श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः जिले में शुक्रवार की सुबह जयसिंहनगर एसडीएम काजोल सिंह (आईएएस) ने गोहपारू थाना क्षेत्र के टेटकी में अवैध रेत के उत्खनन व परिवहन पर कार्रवाई की। उन्होंने रेत से भरे तीन ट्रैक्टर जब्त कर पुलिस के हवाले किए। ये ट्रैक्टर अमझोर स्थित गोडना नदी से अवैध रूप से रेत निकालकर परिवहन कर रहे थे। प्रशासन की इस कार्रवाई ने जिले में सक्रिय रेत कारोबारियों की बेखौफ गतिविधियों को फिर उजागर कर दिया है। हाल ही में मुरैना में वन विभाग के एक अधिकारी पर ट्रैक्टर चढ़ा कर उनकी हत्या की गई। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था।
जानकारी के अनुसार, जब्त किए गए ट्रैक्टरों के मालिक मुन्नू यादव, रनजीत मिश्रा और प्रभाकर तिवारी हैं, जो लमार क्षेत्र के निवासी हैं। गोहपारू पुलिस ने ट्रैक्टर चालकों और मालिकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। जिले में रेत माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि पूर्व में हुई घटनाओं के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। देवलौंद थाना क्षेत्रके गोपालपुर इलाके में बीते वर्ष अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई करने पटवारी की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। अब स्थानीय लोगों का आरोप है. कि उसी क्षेत्र से फिर दिन-रात रेत की चोरी हो रही है।
देवलोंद में स्थित नदियों के किनारे ट्रैक्टरों से रेत निकालकर अलग-अलग स्थानों पर जमा की जाती है। इसके बाद रात के समय जेसीबी की मदद से ट्रकों और हाईवा में रेत लोड कर रीवा और उत्तर प्रदेश तक भेजी जाती है। इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों को किसी कार्रवाई का डर नहीं है।
जिले के कई इलाकों, खासकर देवलौंद के गोपालपुर सथनी सहित कई स्थानों से दिन रात रेत चोरी हो रही है। जैतपुर के बिरौड़ी, गाड़ाघाट और जयसिंहनगर क्षेत्र में लगातार अवैध उत्खनन की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी राजस्व या खनिज विभाग कार्रवाई की तैयारी करता है, उसके पहले अवैध रेत कारोबारियों को भनक लग जाती है। यही वजह है कि मौके पर टीम पहुंचने से पहले हो वाहन और मशीनें गायब हो जाती हैं। पिछले चार वर्षों के दौरान अवैध उत्खनन व परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पटवारी और सहायक उप निरीक्षक की जान जा चुकी है।







