श्रेया न्यूज़ शहडोल द्रोपती धुर्वे :- अनूपपुर के कोतमा नगर में अग्रवाल लॉज भवन ढहने से तीन लोगों की मौत और तीन के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में प्रशासन ने प्रारंभिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में जिम्मेदार बिल्डिंग इंजीनियर को प्रशासन में निलंबित कर दिया है।
वहीं घटना वाले दिन मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रदीप झरिया के बिना विभागीय अनुमति अनुपस्थित रहने के मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए कमिश्नर ने जांच के निर्देश दिए हैं। शनिवार शाम हुई इस दर्दनाक घटना में लॉज की इमारत धराशायी हो गई थी। लगभग 24 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे में दबे घायलों को बाहर निकाला जा सका। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
बिना अनुमति हो रहा था निर्माण
प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि अग्रवाल लॉज की चौथी मंजिल के निर्माण के लिए नगर पालिका से अनुमति नहीं ली गई थी। इसके साथ ही समीप स्थित खाली प्लॉट पर गहरी खुदाई का कार्य भी बिना स्वीकृति के संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने लॉज संचालक एवं समीपस्थ भूमि पर कार्य करा रहे भूमि स्वामी के विरुद्ध अपराध दर्ज कर मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।
भोपाल से गठित जांच समिति
घटना को गंभीरता से लेते हुए राज्य शासन ने भोपाल से एक जांच समिति गठित की है। यह टीम आगामी दिनों में कोतमा पहुंचकर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर लापरवाह अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। इस मामले पर अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने कहा कि मामले में बिल्डिंग इंजीनियर को सस्पेंड किया गया है एवं सीएमओ के अनुपस्थित रहने पर कमिश्नर ने इसे संज्ञान में लिया है। जल्द ही इस पर कार्रवाई हो सकती है। भोपाल स्तर से भी जांच के लिए टीम गठित की गई है।







