श्रेया न्यूज़ शहडोल द्रोपती धुर्वे :- जबलपुर। ट्रेनों में महिला यात्रियों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले एक शातिर चोर को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सिहोरा स्टेशन पर फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार किया। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। मुखबिर की सूचना पर आरपीएफ ने आरोपित को सोमवार सुबह लगभग 4.45 बजे सिहोरा रेलवे स्टेशन में पकड़ लिया था। परंतु आरपीएफ की घेराबंदी तोड़कर वह वहां से भागा और रेलवे ट्रैक से लगे एक तालाब में जा घुसा।
पीछा करते हुए आरपीएफ के जवान भी तालाब तक जा पहुंचे। परंतु वह कहीं नजर नहीं आया, जिसके बाद गोताखोर बुलाए गए। पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसे तालाब से बाहर निकाला। उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर के थाना हल्दौर निवासी उक्त आरोपित 32 वर्षीय हरविंदर सिंह केवल ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देता है। इसके खिलाफ देशभर के एक दर्जन से अधिक थानों में 21 से ज्यादा चोरी के मामले दर्ज हैं। जबलपुर आरपीएफ को भी उसकी तलाश लंबे समय से थी।
रीवा-इतवारी में महिला यात्री का पर्स चुराया था
घटना छह अप्रैल की सुबह लगभग पौने पांच बजे की है, जब सिहोरा स्टेशन पर खड़ी ट्रेन रीवा-इतवारी में आरोपित ने एक महिला यात्री का पर्स चोरी किया और मौके से भागने लगा। आरपीएफ के जवानों ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह रेलवे ट्रैक की ओर भाग निकला। कुछ दूरी तक पीछने के बाद वह जवानों की पकड़ में आ गया, लेकिन मौका पाकर फिर से फरार हो गया।
आरपीएफ के कांस्टेबल विनय मौर्य और आशीष कुमार ने हार नहीं मानी और उसका लगातार पीछा करते रहे। बचने के लिए आरोपी ने पास के ही एक तालाब में छलांग लगा दी। उसने अपनी जान बचाने और पुलिस से छिपने के लिए तालाब में लगे कमल के फूल की खोखली डंडी का सहारा लिया और करीब पांच घंटे तक पानी में ही छिपकर सांस लेता रहा।
अखबार की कटिंग से पहचाना गया शातिर चोर
चोर की पकड़ने के लिए आरपीएफ ने सिहोरा पुलिस की मदद ली और तत्काल मौके पर गोताखोरों को बुलाया गया। काफी मशक्कत के बाद जब तालाब की तलाशी ली गई, तब आरोपी को बाहर निकाला और गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने ट्रेन में चोरी की कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरपीएफ की शुरूआती पूछताछ में आरोपित अपना नाम और पता गलत बताता रहा। कभी खुद को पंजाब का बताया तो कभी हरियाणा का।
तभी आरपीएफ के जबलपुर पोस्ट प्रभारी राजीव खरब ने ट्रेन में पुरानी चोरी से जुड़े केसों को खंगाला तो पता चला कि पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा स्टेशन में नौ साल पूर्व ऐसा ही एक शातिर चोर पकड़ा था। जब उसकी इंटरनेट पर इससे संबंधित समाचार खंगाला गया तो एक समाचार में उसकी फोटो मिल गई, जिसके बाद चोर की पूरी कुंडली खुल गई।
ट्रेन में बिना टिकट सफर
शातिर चोर हरविंदर सालों से ट्रेनों में चाेरी कर रहा है। यह ट्रेन के एसी कोच के यात्रियों को ही अपना शिकार बनाता था। पहले यह ट्रेन में रिजर्वेशन कराकर सफर करता और महिलाओं के पर्स चोरी करता। जब कभी पकड़ा जाता तो यह कहकर बचने का प्रयास करता कि वह चोर को पकड़ रहा था।
इसके बाद इसने ट्रेन में रिजर्वेशन कराना छोड़ दिया और फिर बिना टिकट के ट्रेन में सफर करता। बाथरूम में छिपता और टीटीई के जाते ही चोरी को अंजाम देता। यह ट्रेन में सिम बदलकर सफर करता। इतना ही नहीं इसके रूट भी तय होते। तीन माह तक ट्रेन के एक रूट में चोरी करता और फिर रूट बदल देता, ताकि पकड़ा न जाए।







