श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल :- अनूपपुरः तीन हाथियों का झुंड 79 दिन तक जैतहरी एवं अनूपपुर के इलाके में विचरण करते हुए बुधवार एवं गुरुवार की मध्य रात धनगवां बीट के जंगल से कई गांव को पार करते हुए गुरुवार की सुबह जैतहरी नगर के बस स्टैंड, रेलवे लाईन से होकर गोबरी एवं पंगना के जंगल में ठहरे हुए हैं। तीनों हाथी सुबह-सुबह जैतहरी नगर में पहुंच गए थे जिससे यहां, लोगों का बड़ा हुजूम एकत्र हो गया था। हाथी नगर के बस स्टैंड से होते हुए गांव की तरफ चले गए इस दौरान लोगों के भीड़ हाथियों को खदेड़ती रही। यह हाथी अब जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूरी पर हैं।
जानकारी अनुसार तीन हाथियों का समूह तहसील जैतहरी के धनगवां बीट के जंगल जो ग्राम पंचायत क्योंटार के कुसुमहाई गांव से लगा हुआ है से निकले और पटौराटोला, टकहुली, लहरपुर में कई किसानों के फसलों को खाते हुए एक ग्रामीण के घर तोड़फोड़ कर गुरुवार की भोर जैतहरी नगर में पहुंचकर मुख्य मार्ग, बस स्टैंड से बंजारी टोला से रेलवे लाईन पारकर तिपान नदी से गोबरी बीट के जंगल में आए। फिर गुरुवार की शाम होते ही शक्तिकुन्डी जंगल जो अनूपपुर थाना एवं वन परिक्षेत्र के दुधमनिया बीट अंतर्गत ग्राम पंचायत पंगना के बरटोला में है। पूरी रातै विचरण करते हुए किसानों के खेतों में लगे गेहूं, चना एवं मटर की फसलो को नुकसान पहुंचाया।
जानकारी अनुसार शुक्रवार की सुबह दूसरे दिन पगना एवं गोबरी के बीच स्थित जंगल में ठहरे हुए हैं। 81 दिनों से हाथियों के विचरण के कारण ग्रामीण जन परेशान हैं। वही जिले के जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन एवं वन विभाग के द्वारा हाथियों को जिले से बाहर किए जाने का किसी भी तरह का प्रयास अब तक नहीं किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणो ने बताया हाथियों द्वारा किए गए घर, खेतों में लगी फसलों के नुकसान का राहत प्रकरण न बनने से अब तक भुगतान नहीं हो सका है। कई तरह की समस्याओं के कारण ग्रामीण जन हाथियों के विचरण पर निगरानी रख रहे हैं।







