श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल :- शहडोलः मंदिर के पुजारी पर दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के पुजारी पर के बाद उसकी गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। 18 फरवरी को महिला थाने में दर्ज मामले के बावजूद मंगलवार सुबह तक आरोपित पुजारी आशीष राज तिवारी उर्फ छोटू पुलिस की पकड़ से बाहर है। शिकायत के पांच दिन बीत जाने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि आरोपित ने वर्ष 2017 से उसे शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया और करीब आठ वर्षों तक, उसका शारीरिक शोषण किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। लंबे समय तक मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक प्रताड़ना सहने के बाद युवती ने साहस जुटाकर थाने में शिकायत दर्ज कराई,
लेकिन अब आरोपित की गिरफ्तारी में हो रही देरी से वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। सूत्रों के अनुसार, आरोपित को कथित रूप से महिला थाने में पदस्थ एक प्रभावशाली पुलिसकर्मी का संरक्षण प्राप्त हैं। आरोप है कि इसी कारण आरोपित को पहले ही कार्रवाई की भनक लग गई और वह फरार हो गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन देरी ने संदेह को पुख्ता जरूर किया है। पीड़ित ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से आरोपित के परिवार से भी अपनी जान को खतरा बताया है। इस संबंध में महिला थाना प्रभारी आरके गायकवाल ने कहा कि पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। आरोपित की तलाश के लिए जिलेभर में अलर्ट जारी किया गया है और कुछ अहम इनपुट मिले हैं, जिन पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपित को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।







