श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल :- शहडोल। जिले के शासकीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय विचारपुर में अध्यनरत छात्र सुमित चौधरी कक्षा 12वीं की 19 फरवरी को बीमारी के कारण आकस्मिक मृत्यु हो गई है। 21 फरवरी को जानकारी लगते ही जनजातीय एवं अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के संभागीय उपायुक्त जे पी यादव ने विद्यालय के छात्रो जानकारी ली, तो छात्रों ने बताया सुमित चौधरी 10 फरवरी से बीमार था। छात्रावास अधीक्षक द्वारा उसके उपचार में लापरवाही बरती गई। यदि छात्रावास अधीक्षक द्वारा उचित समय पर ध्यान दिया जाता तो यह घटना टाली जा सकती थी।
पालकों को नहीं किया सूचितः बताया गया कि अधीक्षक द्वारा छात्र के पालको को भी सूचित नहीं किया गया। इसके अलावा छात्रावास में कई प्रकार की समस्याएं हैं, जिनका निदान नहीं किया जाता है। छात्रों से बात करने के बाद उपायुक्त ने पाया कि छात्रावास अधीक्षक नीलशरण सिंह द्वारा छात्र के बीमारी के समय उपचार में लापरवाही बरती गई। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत नहीं कराया गया। छात्रावास की व्यवस्थाओं संबंधी कई प्रकार की समस्याओं का निदान नहीं किया गया।
उपायुक्त ने की निलंबन की कार्रवाईः अधीक्षक की इस लापरवाही पर उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग ने अधीक्षक नीलशरण सिंह निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी जयसिंहनगर नियत किया गया है। वहीं बृजेन्द्रपाल मोंगरे, माध्यमिक शिक्षक ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय विचारपुर को छात्रावास के संचालन का दायित्व अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक के लिए सौंपा गया है। जानकारी के अनुसार जब छात्र बीमार हुआ तो अधीक्षक ने वही अपने स्तर से दवाइयां दी और हालत खराब होने पर उसे घर भेज दिया।
इलाज कराया पर नहीं बचा से सके जानः छात्र के घर वालों ने अपने है स्तर से उपचार कराया लेकिन जान नहीं ख बच सकी। परिवार वालों का भी आरोप है यदि समय पर अस्पताल में भर्ती कर दिया गया होता तो शायद बच्चों की जान नहीं जाती। जांच के लिए बनाई गई तीन सदस्य टीम. में जेपी नापित सहायक संचालक जनजातीय कार्य विभाग, मनोज तिवारी प्राचार्य शासकीय उमावि पचगांव और राजेन्द्र प्रसाद तिवारी क्षेत्रक संयोजक जनजातीय कार्य विभाग शामिल है।उपायुक्त जेपी यादव नें बताया कि विद्यार्थियों द्वारा शिकायत की गई है, इस आधार पर जांच के आदेश दिए गए हैं।







