श्रेया न्यूज़ शहडोल द्रोपती धुर्वे :- उमरिया राजस्थान भेजने के लिए रेस्क्यू की गई बाघिन को वापस जंगल में छोड़ दिया गया है। रेस्क्यू के पश्चात बाघिन को दो दिनों तक निरंतर निगरानी में रखा गया। इस दौरान यह पाया गया कि संबंधित बाघिन एनटीसीए द्वारा जारी ट्रांसलोकेशन गाइडलाइंस में निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। बताया गया कि पार्क प्रबंधन ने गलत बाघिन का रेस्क्यू कर लिया था। यही वजह है कि सोमवार को बाघिन को ताला परिक्षेत्र की दमना बीट में समस्त मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया है।
बाघिन के हैं दो शावक : जिस बाघिन को पार्क प्रबंधन ने रेस्क्यू कर कालर आइडी पहनाई थी, उसके दो शावक हैं। यह बाघिन टूरिज्म जोन की है। इस कारण इसे राजस्थान भेजना उचित नहीं पाया गया। भोपाल से आपत्ति आने के बाद बाघिन को वापस जंगल में छोड़ दिया। अब राजस्थान के मुकुंदरा हिल टाइगर रिजर्व भेजने के लिए अन्य बाघिन का रेस्क्यू किया जाएगा।
दो क्षेत्र में है वितरण : बाघिन का विचरण बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के दो परिक्षेत्रों में पाया गया था। शुक्रवार को बाघिन का रेस्क्यू कर मगधी परिक्षेत्र अंतर्गत बहेरहा इनक्लोज़र में सुरक्षित रखा गया था। उक्त बाघिन को राजस्थान के एक टाइगर रिजर्व में ट्रांसलोकेट किए जाने के उद्देश्य से रेस्क्यू किया गया था।







