श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- सकरिया बीट (उमरिया) क्षेत्र के ग्रामीणों ने वन विभाग केडिप्टी रेंजर उमेश कुमार बर्मन पर गंभीर भ्रष्टाचार और शोषण के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वन विभाग की लापरवाही और अवैध वसूली के कारण आम जनता परेशान है।
ग्रामीणों का आरोप- बिना पैसे कोई काम नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि यदि क्षेत्र में शेर या जंगली जानवरों द्वारा मवेशियों का शिकार हो जाता है, तो क्षतिपूर्ति दिलाने के नाम पर उनसे कथित तौर पर ₹1500 से ₹2000 तक की मांग की जाती है। शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती।
ट्रैक्टर जब्ती का मामला भी सामने आया
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लगभग तीन महीने पूर्व एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को चेकिंग के नाम पर रोक लिया गया था और कथित लेनदेन के बाद ही अगले दिन छोड़ा गया। शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई
मुर्गे पकड़ने और जबरन वसूली के आरोप
कई ग्रामीणों का दावा है कि-
उनके घर में पाले गए मुर्गे वन विभाग द्वारा पकड़ लिए गए
वापस देने के बदले पैसे की मांग की गई
पैसे न देने पर मुर्गे जब्त ही कर लिए गए
एक ग्रामीण कमलभान सिंह ने बताया कि उनका मुर्गा पकड़ा गया और कथित रूप से वहीं खा लिया गया। वहीं ग्रामीण चुनी लाल चौधरी ने बताया कि उनके बैल को शेर द्वारा मारे जाने पर कार्रवाई के नाम पर उनसे ₹1500 लिए गए।

कमलभान सिंह निवासी सकारिया

काशी चौधरी पिता चुन्नी लाल चौधरी साकरिया
तेल और पेट्रोल खर्च के नाम पर वसूली का आरोप
रतन चौधरी सहित कई लोगों ने बताया कि डिप्टी द्वारा कथित रूप से 1050 रुपये पेट्रोल खर्च के नाम पर मांगे गए।
ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है किः
विभाग में शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं
कई बार वन विभाग के अधिकारी भी कार्रवाई से बचते दिखते हैं
आम जनता वर्षों से शोषण का सामना कर रही है
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि “बिना पैसे कोई काम नहीं होता”, चाहे मामला जानवरों की क्षति का हो या किसी ग्रामीण की सामान्य शिकायत का।
ग्रामीणों की मांग – कार्रवाई की जाए
सकरिया क्षेत्र के सभी ग्रामीणों ने वन विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि डिप्टी उमेश कुमार बर्मन के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।







