श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोल में 15 दिन से अधिक ठहरने वाले लोगों की जानकारी पुलिस को देना अनिवार्य होगा। किरायेदार, कर्मचारी, छात्र, मजदूर, सुरक्षा गार्ड और होटल-लॉज में ठहरने वालों का सत्यापन होगा। नियम तोड़ने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत कार्रवाई होगी।
जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब शहडोल जिले में 15 दिन से अधिक समय तक रहने वाले किसी भी व्यक्ति की जानकारी संबंधित थाने में देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही किरायेदारों, पेइंग गेस्ट, घरेलू कामगारों, निजी छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं, होटल–लॉज में ठहरने वाले लोगों, निर्माण श्रमिकों और निजी सुरक्षा गार्डों की जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध करानी होगी।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट पार्थ जायसवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश के तहत मकान मालिकों, प्रतिष्ठान संचालकों, ठेकेदारों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों को संबंधित लोगों की पहचान, पहचान पत्र और मोबाइल नंबर सहित निर्धारित प्रारूप में जानकारी थाने में उपलब्ध करानी होगी।
प्रशासन के आदेश के अनुसार मकान या दुकान मालिक को किरायेदार अथवा पेइंग गेस्ट की जानकारी संबंधित थाने में देनी होगी। पुलिस को सूचना दिए बिना मकान या दुकान किराए पर नहीं दी जा सकेगी। किरायेदार का पहचान पत्र और मोबाइल नंबर लेना भी अनिवार्य किया गया है। इसी तरह घरेलू कामगारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को रखने से पहले उनकी जानकारी थाने में देनी होगी। निजी छात्रावास संचालकों को वहां रहने वाले छात्र-छात्राओं का विवरण भी पुलिस को उपलब्ध कराना होगा।
स्पा, मसाज सेंटर और ब्यूटी पार्लर भी दायरे में
डिलीवरी बॉय और निर्माण श्रमिकों की भी देनी होगी जानकारी
विदेशी नागरिकों की सूचना तत्काल देनी होगी
होटल, लॉज, धर्मशाला अथवा किराए के मकान में ठहरने वाले लोगों की जानकारी का सत्यापन आईसीजेएस सॉफ्टवेयर और मोबाइल फेस रिकग्निशन ऐप के माध्यम से किया जाएगा। किसी विदेशी नागरिक के ठहरने की स्थिति में उसकी जानकारी तत्काल एफआरआरओ शाखा, शहडोल को देना अनिवार्य होगा। कलेक्टर ने सभी मकान मालिकों, होटल-लॉज संचालकों, प्रतिष्ठान संचालकों, ठेकेदारों, धर्मशाला एवं रैन बसेरा संचालकों, धार्मिक स्थलों, स्पा सेंटर, सुरक्षा एजेंसियों और अन्य संबंधित लोगों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश या उसके किसी भी हिस्से का उल्लंघन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय होगा। आदेश समयाभाव के कारण एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है। किसी व्यक्ति या संस्था को छूट अथवा शिथिलता की आवश्यकता होने पर वह कलेक्टर के समक्ष विधिवत आवेदन प्रस्तुत कर सकता हैं।














