श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- बाग (धार) : बैंक ऑफ इंडिया की बाग शाखा के कैश वाल्ट से 45.20 लाख रुपये की नकदी में हेराफेरी के मामले में पुलिस ने बैंक के कैशियर हितेश निंगवाल के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने नकदी के बंडलों में हेराफेरी कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया और कैश वॉल्ट की चाबी अपने पास रखकर बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहा। पुलिस ने पूछताछ के लिए आरोपित को पांच सितंबर तक रिमांड पर लिया है।
अंदर नोटों की गड्डियां बदली हुई थीं
मैनेजर के अनुसार आरोपित ने कथित तौर पर 500 रुपये के नोटों के बंडलों में अंदर 100-100 रुपये के नोटों की गड्डियां लगा रखी थीं। बाहर से बंडल 500 रुपये के नोटों का दिखाई देता था और बंडल की संख्या के आधार पर कैश का मिलान हो जाता था, लेकिन अंदर नोटों की गड्डियां बदली हुई थीं। इसी तरीके से नकदी में हेराफेरी किए जाने की बात सामने आई है।
सीसीटीवी फुटेज जांच में
बैंक शाखा में लगे सीसीटीवी कैमरों की छह माह से अधिक की रिकार्डिंग जांच के लिए क्षेत्रीय कार्यालय से आए अधिकारियों ने अपने कब्जे में ली है। बैंक मैनेजर के अनुसार जांच टीम रिकार्डिंग सहित अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधारी चुकाने और वाहन खरीदने की बात
प्रबंधक मयूर दुबे ने बताया कि पुलिस पूछताछ में आरोपी द्वारा कथित तौर पर बाहर से कुछ वाहन लेने, उधारी होने तथा इन भुगतानों को पूरा करने के लिए बैंक की राशि का इस्तेमाल करने की बात सामने आई है। हालांकि कितने समय से हेराफेरी की जा रही थी, इसको लेकर आरोपित ने अलग-अलग अवधि बताई है। पुलिस जांच में वास्तविक अवधि और राशि का पता चलेगा।
खाताधारकों की शिकायत नहीं
मैनेजर के अनुसार अभी तक किसी अन्य ग्राहक या खाताधारक ने लिखित शिकायत नहीं की है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर मेडिकल कराने के बाद न्यायालय में पेश किया। टीआइ हीरू रावत ने बताया कि आराेपित को न्यायालय से पांच सितंबर तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मामले में पुलिस जांच जारी है।













