श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- उमरियाः मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले से जिले की 1521 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बड़ी राहत मिलने जा रही है। हाईकोर्ट ने 27 जून 2019 से देय मानदेय का एरियर देने के निर्देश दिए हैं। फैसले के बाद कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं मे खुशी का माहौल है।
उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत जिले मे 813 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। जहां 1521 कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं सेवाएं दे रही हैं। हाईकोर्ट के आदेश का लाभसभी पात्र कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी मिलेगा। इस मुद्दे को लेकर प्रदेश के विभिन्न संगठनों ने शासन स्तर से लेकर न्यायालय तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। न्यायालय के फैसले ने वर्षों से लंबित मांग पूरी होने की उम्मीद जगा दी है।
एरियर पर ब्याज देने का आदेश खंडपीठ से निरस्तः
दरअसल, प्रदेश के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संगठन की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने माना कि 27 जून 2019 के बाद केंद्र सरकार ने अपने अंशदान त में वृद्धि की थी। लेकिन राज्य सरकार ने अपने हिस्से का अंशदान घटा दिया। । इससे केंद्र द्वारा बढ़ाई गई राशि का लाभ कर्मचारियों तक नहीं पहुंच पाया।
न्यायालय ने राज्य ‘सरकार’ को पूर्व व्यवस्था के अनुसार मानदेय बहाल करते हुए 27 जून 2019 से एरियर का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, एरियर पर ब्याज देने के आदेश को खंडपीठ ने निरस्त कर दिया। पूर्व अंशदान की व्यवस्था भी बरकरारः न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार अपने पूर्व अंशदान की व्यवस्था बनाए रखेगी तथा पात्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ग्रेच्युटी का लाभ भी देना होगा।
फैसले मे यह सिद्धांत भी स्थापित किया गया है कि केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारियों के हित मे बढ़ाई गई आर्थिक सहायता का उपयोग राज्य सरकार अपने अंशदान मे कटौती के आधार के रूप मे नहीं कर सकती। प्रदेशभर की हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं को इसका सीधा लाभमिलेगा। राज्य सरकार को 27 जून 2019 से पात्र कर्मचारियों का एरियर भुगतान करना होगा। जिससे उस पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आने की संभावना है। वहीं, मानदेय बहाली और ग्रेच्युटी संबंधी निर्देश भी पूरे प्रदेश में लागू होंगे।







