श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- शहडोलः पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय का फिशरीज डिपार्मेंट जिले के किसानों को मत्स्य उत्पादन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है।
योजना है कि आने वले दिनों में ट्रेनर तैयार कर गांव गांव में किसानों को मछली उत्पादन संस्कृति को विकसित करने का काम किया जाएगा। उल्लेखनीय की शहडोल आदिवासी जिला है और यहां तालाबों की संख्या काफी अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में हर गांव में तालाब है, जिनमें शासकीय और निजी तालाब भी शामिल है। गांव के किसान जहां इन तालाबों में मछली पालते हैं तो उससे उनकी आजीविका भी चलती है और इनके भोजन के लिए भी मछली इन्हें आसानी से मिल जाती है।
पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय का फिशरीज डिपार्मेंट फिश उत्पादन कल्चर को बढ़ावा देने के लिए जुटा हुआ है। इसके लिए पिछले साल सात दिन का एक ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाया गया था। इसमें संभाग के अलावा बाहर से भी विद्यार्थी शामिल हुए थे और तकरीबन 60 प्रजाति की मछलियों को यहां प्रदर्शित किया गया था। कुलपति प्रो रामशंकर व कुलसचिव के मार्गदर्शन में विभागाध्यक्ष डा उमा सिंह के सहयोग से फिश उत्पादन कल्चर को विकसित करने का काम हो रहा है। सहायक प्राध्यापक डा वंदना राम के अनुसार इसके लिए ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं ‘जो किसानों को जागरूक करेंगे।







