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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का मामला: चीतल को फल खिलाना पड़ा महंगा, पहुंच गए जेल; याद रखें ये बात

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श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :-  उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में चीतल को केला खिलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में आरोपी की पहचान होने पर उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीव को भोजन खिलाना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कार्रवाई की। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

जानकारी के अनुसार, मगधी गेट के सामने एक व्यक्ति चीतल को केला खिलाता दिखाई दिया था। इस दौरान पचपेढ़ी पर्यटन जोन से सफारी कर लौट रहे एक पर्यटक ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन के संज्ञान में आया।

अनूपपुर का निकला आरोपी

जांच के दौरान संबंधित व्यक्ति की पहचान अनूप मिश्रा, पिता रमाकांत मिश्रा, निवासी ग्राम बेलिया बड़ी, तहसील कोतमा, जिला अनूपपुर के रूप में की गई। जांच पूरी होने के बाद उनके विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। वैधानिक कार्रवाई के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया।

 
वन्यजीव को खाद्य या अखाद्य पदार्थ खिलाना कानूनन प्रतिबंधित  

वन अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व में किसी भी वन्यजीव को खाद्य या अखाद्य पदार्थ खिलाना कानूनन प्रतिबंधित है। ऐसा करने से वन्यजीवों का प्राकृतिक व्यवहार प्रभावित होता है, वे इंसानों पर निर्भर होने लगते हैं और उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने पर्यटकों से अपील की है कि सफारी के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करें। वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उन्हें किसी भी प्रकार का भोजन देने का प्रयास न करें। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के साथ छेड़छाड़, उन्हें भोजन खिलाने या अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग ने कहा कि राष्ट्रीय उद्यानों में बनाए गए नियम वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास को संरक्षित रखने के लिए हैं। इसलिए प्रत्येक पर्यटक की जिम्मेदारी है कि वह इन नियमों का पालन करे और वन्यजीव संरक्षण में अपना सहयोग दे।

Shreya News
Author: Shreya News

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