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एमपी में कुदरत का अनोखा करिश्मा, एक साथ जन्मे चार बच्चे, लेकिन भगवान को कुछ और ही था मंजूर

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श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :-  बिछिया। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भुआ बिछिया में मंगलवार को एक दुर्लभ मामला सामने आया, जहां एक गर्भवती महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। हालांकि, समय से पहले प्रसव होने और नवजातों का पर्याप्त विकास नहीं हो पाने के कारण जन्म के कुछ ही समय बाद चारों बच्चों की मृत्यु हो गई। राहत की बात यह रही कि प्रसूता की हालत पूरी तरह सामान्य और स्थिर बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, घुटास नयेगवा निवासी राजनी सिंगराम पति गणेश सिंगराम, को प्रसव पीड़ा होने पर दोपहर करीब 12 बजे निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भुआ बिछिया लाया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही वाहन में महिला ने दो बच्चों को जन्म दे दिया। इसके बाद स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किए जाने के दौरान उसने दो अन्य बच्चों को भी जन्म दिया।

किसी भी बच्चे को नहीं बचा सके डॉक्टर

इस तरह कुछ ही समय के अंतराल में महिला ने कुल चार बच्चों को जन्म दिया। चिकित्सकों ने नवजातों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सभी बच्चों का जन्म समय से काफी पहले होने और उनका वजन तथा शारीरिक विकास पर्याप्त नहीं होने के कारण उन्हें नहीं बचाया जा सका।

परिजनों में शोक का माहौल

चारों नवजातों की मौत से परिजनों में शोक का माहौल है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डा. अनूप सिंह भारतीय ने बताया कि महिला का प्रसव लगभग नौ माह में होना था, लेकिन अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उसे अस्पताल लाया गया। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था निर्धारित समय से लगभग सात सप्ताह पहले होने के कारण चारों नवजात पूरी तरह विकसित नहीं हो पाए थे। समयपूर्व जन्म और पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

प्रसूता पूरी तरह स्वस्थ

बीएमओ ने बताया कि प्रसूता की स्थिति फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। उन्होंने कहा कि मां को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल और परामर्श दिया जा रहा है। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों के अनुसार, यह संस्थान के इतिहास में पहला अवसर है जब किसी महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। हालांकि यह दुर्लभ घटना दुखद परिणाम के साथ समाप्त हुई, फिर भी चिकित्सकों ने समयपूर्व गर्भावस्था में नियमित जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख के महत्व पर जोर दिया।

Shreya News
Author: Shreya News

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