श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- विदिशा। जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड के गेट पर जन्मे सात माह के समयपूर्व (प्रीमैच्योर) नवजात ने तीन दिन तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद रविवार शाम को दम तोड़ दिया। जन्म के समय बच्चे का वजन मात्र 1.2 किलोग्राम था और वह जन्म से ही एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती था।
वहीं, नवजात की मां सुखदेवी यादव की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार अस्पताल के आईसीयू में जारी है। परिजनों ने बताया कि मां की स्थिति को देखते हुए उन्हें बच्चे की मौत की जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है।
सुखदेवी के भाई राजेश यादव ने बताया कि परिवार के सदस्य एकत्र होने के बाद नवजात का अंतिम संस्कार गांव में किया जाएगा।
इधर, बच्चे की मौत के बाद युवा कांग्रेस के पदाधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से पूरे मामले की जानकारी ली। कांग्रेस पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष सुमित पाल ने आरोप लगाया कि अस्पताल की ओर से बच्चे की स्थिति को लेकर अलग-अलग जानकारी दी जा रही थी और यदि शुरुआत में लापरवाही नहीं होती तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
उल्लेखनीय है कि 2 जुलाई की रात सिरोंज तहसील के सहिस्ताबाद निवासी सुनील यादव की पत्नी सुखदेवी यादव की डिलीवरी जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड के बाहर गेट पर हो गई थी। आरोप है कि अस्पताल स्टाफ के दुर्व्यवहार के कारण वह लेबर रूम से बाहर आ गई थीं, जहां उन्होंने नवजात को जन्म दिया।
मामले में प्रारंभिक जांच के बाद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्स को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि दो सुरक्षा कर्मियों को हटाया जा चुका है।







