श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- ग्वालियर। शहर के रसूखदारों और VIP संस्कृति के केंद्र माने जाने वाले जीवाजी क्लब की एक बड़ी और गंभीर लापरवाही सामने आई है। आम जनता को नियमों का पाठ पढ़ाने वाले और खुद को शहर का सबसे प्रतिष्ठित संस्थान कहने वाले जीवाजी क्लब में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध रूप से स्विमिंग पूल का संचालन किया जा रहा था।
खेल विभाग की टीम ने जब शहर के तरण तालों का औचक निरीक्षण किया, तो जीवाजी क्लब सहित शहर के आठ स्विमिंग पूलों की कलई खुलकर सामने आ गई। नगर निगम से बिना किसी वैध अनुमति और पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) के चल रहे इस पूल को खेल विभाग ने तत्काल नोटिस थमाते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
रसूखदारों का अवैध खेल, सुरक्षा से बड़ा खिलवाड़
नगर निगम के खेल विभाग के नोडल अधिकारी बीके त्यागी ने बताया कि निगम आयुक्त संघ प्रिय के सख्त निर्देशानुसार शहर में बिना पंजीयन के संचालित होने वाले स्विमिंग पूलों की कड़ाई से जांच की जा रही है। इसी कड़ी में जब सहायक खेल अधिकारी जितेन्द्र यादव, नमन कौरव एवं दीपक शर्मा की टीम जीवाजी क्लब पहुंची, तो वहां कोई भी वैध रजिस्ट्रेशन दस्तावेज नहीं मिला।
जीवाजी क्लब जैसे रसूखदार स्थान पर इस तरह की गंभीर कमी मिलना यह दर्शाता है कि संस्थान प्रबंधन सरकारी नियमों और सुरक्षा मानकों को लेकर कितना लापरवाह है। बिना रजिस्ट्रेशन और बिना प्रशासनिक निगरानी के इतने बड़े स्तर पर पूल का संचालन करना सीधे तौर पर यहां आने वाले सदस्यों और उनके बच्चों की जान को जोखिम में डालना है।
पानी की शुद्धता और सुरक्षा मानकों में बड़ी कमियां
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को पूल संचालन में कई तकनीकी और व्यावहारिक कमियां देखने को मिलीं। टीम ने जीवाजी क्लब सहित अन्य सभी आठ संचालकों को सख्त लहजे में हिदायत दी है कि वे पूल के पानी को पूरी तरह साफ, स्वच्छ और केमिकल-मुक्त प्रदूषण रहित रखें। अक्सर देखा जाता है कि इन पूलों में पानी की समय पर री-साइकलिंग नहीं होती, जिससे त्वचा और पेट से जुड़ी बीमारियां फैलने का खतरा रहता है।
इसके साथ ही, मध्य प्रदेश शासन द्वारा स्विमिंग पूल संचालन के लिए बनाए गए अनिवार्य सुरक्षा मानकों जैसे कि कुशल लाइफगार्ड्स की तैनाती, फर्स्ट एड किट की उपलब्धता और आपातकालीन जीवन रक्षक उपकरणों की मौजूदगी में भी कमियां पाई गईं। खेल विभाग ने साफ किया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर इन कमियों को दूर नहीं किया गया और तत्काल नगर निगम में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया, तो इन पूलों को पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा।







