श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- नरसिंहपुर। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती स्टेशनगंज थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ग्राम महका के पास बहने वाली शेढ़ नदी के किनारे बारिश के चलते अचानक मिट्टी और विशालकाय चट्टान धंस गई।
कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला
इस हादसे में चट्टान के नीचे दबने से 45 वर्षीय एक ग्रामीण की मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर पुलिस और स्थानीय लोगों की कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला जा सका।
जहां मंजू अक्सर जाकर बैठता था
महका (खापा) निवासी मंजू पिता ओमकार नोरिया (45 वर्ष) गुरुवार शाम करीब 5 बजे घूमने की बात कहकर घर से निकला था। नदी के पास एक बड़ा मिट्टी का टीला और उसके ऊपर विशाल चट्टान थी, जहां मंजू अक्सर जाकर बैठता था।
इस स्थान पर ऊपरी ओट होने के कारण बारिश का पानी भी नहीं आता था। जब मंजू देर रात तक अपने घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। रातभर खोजबीन करने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो शुक्रवार सुबह परिजन उसकी तलाश करते हुए नदी किनारे पहुंचे।
नजारा देखकर उनके होश उड़ गए
घर से करीब 2 किलोमीटर दूर जब वे मंजू के पसंदीदा स्थान पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। लगातार हो रही बारिश के कारण वह भारी-भरकम चट्टान टूटकर पूरी तरह जमींदोज हो चुकी थी।
छैनी-हथौड़े से 3 घंटे तक काटा पत्थर, पुलिस जांच में जुटी
परिजनों ने अनहोनी की आशंका के चलते तुरंत स्टेशनगंज थाना पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। चट्टान इतनी भारी थी कि उसे हटाना मुमकिन नहीं था।
पत्थर के नीचे मंजू का क्षत-विक्षत शव दबा हुआ था
आखिरकार, छैनी, हथौड़े और रस्सियों की मदद से करीब 3 घंटे की भारी मशक्कत के बाद पत्थरों को तोड़कर हटाया गया, जिसके नीचे मंजू का क्षत-विक्षत शव दबा हुआ था। पुलिस ने बताया कि दोपहर करीब 12:30 बजे शव को मलबे से बाहर निकाल लिया गया था।
पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया
शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय जिला अस्पताल भिजवाकर पंचनामा की कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।







