श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- ब्यौहारीः नगर परिषद क्षेत्र में संचालित चार पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल की किल्लत से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश पंपों पर स्टाक खत्म होने के कारण लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन संचालकों द्वारा इसकी सूचना बोर्ड पर प्रदर्शित नहीं की जाती। स्थानीय लोगों का आरोप है कि केसरवानी पेट्रोल पंप पर अक्सर पेट्रोल खत्म रहता है, मगर ‘स्टाक खत्म’ का बोर्ड नहीं लगाया जाता। जिससे लोगों का बेवजह समय बर्बाद होता है।
नियमानुसार हर पंप पर रोजाना डीजल-पेट्रोल का स्टाक बोर्ड पर चस्पा होना चाहिए, लेकिन संचालक मनमानी कर इसकी अनदेखी कर रहे हैं। ‘नो पेट्रोल’ का बोर्ड न होने से ग्राहक एक पंप से दूसरे पंप भटकने को मजबूर हैं। ग्राहकों ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी टीवी चैनलों पर तेल के दाम घटने बढ़ने की खबर चलती है, तो पंप संचालक चालाकी से स्टाक खत्म होने का बहाना बना देते हैं।
दाम बढ़ते ही ऊंचे रेट पर बिक्री शुरू कर दी जाती है।. इसके अलावा एक लीटर पेट्रोल भरवाने पर 980 एमएल ही मिलने की शिकायत भी सामने आई है। आरोप है कि संचालक मशीन में सेटिंग कर कम मात्रा में ईंधन देते हैं। नापतौल विभाग के अधिकारी जांच के लिए आते तो हैं, लेकिन कमीशन लेकर लौट जाते हैं। क्षेत्रीय नागरिकों ने कलेक्टर से पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण कर दोषी संचालकों और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि नियमित जांच और स्टाक बोर्ड अनिवार्य किए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है।







