श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- इछावर। शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण, स्वादिष्ट एवं पौष्टिक मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ”प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना” के अंतर्गत शुक्रवार को विकासखंड के सभी जन शिक्षा केंद्रों पर रसोइयों के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
यह प्रशिक्षण विकासखंड स्रोत समन्वयक बीआरसीसी सुभाष चंद्र दुबे के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें जन शिक्षकों ने मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाते हुए रसोइयों को स्वच्छता, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी।
इसके तहत अब भोजन परोसने से 30 मिनट पहले चखना अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण के दौरान रसोइयों को सख्त निर्देश दिए गए कि विद्यार्थियों को भोजन परोसने से ठीक 30 मिनट पहले स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य या किसी शिक्षक द्वारा भोजन का स्वाद और गुणवत्ता परीक्षण करना अनिवार्य होगा।
इसके बाद ही बच्चों को भोजन वितरित किया जा सकेगा। इसके साथ ही, भोजन से पहले सभी बच्चों के हाथ साबुन से धुलवाने और बिना किसी भेदभाव के समान रूप से भोजन परोसने की बात कही गई।
लापरवाही पर मिलेगी कड़ी सजा, 16 जून से खुलेंगे स्कूल
बीआरसी दुबे ने स्पष्ट किया कि भोजन हमेशा ताजा, स्वादिष्ट और निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही बनना चाहिए। रसोईघर में केवल अधिकृत रसोइयों और प्रभारी शिक्षक के अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित रहेगा। नियमों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगामी 16 जून से स्कूल खुलने जा रहे हैं। रसोइयों को स्कूल परिसर, किचन और बर्तनों की सघन सफाई रखने तथा स्कूलों में ”मां की बगिया” किचन गार्डन विकसित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों को ताजी सब्जियां मिल सकें।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की निगरानी के लिए मध्याह्न भोजन प्रभारी बीएसी अनिल कलमोदिया, घनश्याम वर्मा, शैलेंद्र सिंह ठाकुर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, अशोक कुमार मालवीय, नरेंद्र सोलंकी और मनोज कुमार राठौर ने विभिन्न केंद्रों का सघन निरीक्षण किया।







