श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- अनूपपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय, अमरकंटक की दो छात्राओं ने अपनी पूर्व रूममेट और उसके भाई पर एआई की मदद से अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा उन्हें बदनाम करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित छात्राओं का कहना है कि इस मानसिक प्रताड़ना के कारण वे पिछले दो माह से पढ़ाई छोड़कर अपने घरों में रहने को मजबूर हैं।
छात्राओं के अनुसार, विश्वविद्यालय के हास्टल में कमरा न मिलने पर उन्होंने कैंपस के बाहर एक किराए के मकान में तीसरी छात्रा के साथ कमरा साझा किया था। आरोप है कि वह छात्रा नियमित रूप से किराया नहीं देती थी। करीब दो माह पहले वह बिना सूचना दिए सामान लेकर कमरा छोड़ने लगी। इस दौरान मकान मालिक को बुलाने पर विवाद हुआ और जाते समय उसने दोनों छात्राओं को बदनाम करने की धमकी दी।
पीड़ितों का आरोप है कि कुछ दिनों बाद उनके परिचितों के फोन आने लगे। जांच करने पर पता चला कि सोशल मीडिया पर उनके नाम से फर्जी अकाउंट बनाए गए हैं और एआई तकनीक की मदद से तैयार किए गए अश्लील वीडियो विश्वविद्यालय के समूहों तथा परिचितों के बीच वायरल किए जा रहे हैं।
छात्राओं का दावा है कि जब उन्होंने आरोपित छात्रा से बात की तो उसने अपने भाई के साथ मिलकर उन्हें बदनाम करने की बात स्वीकार की। इसकी शिकायत उसकी मां से भी की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
छात्राओं ने बताया कि 7 अप्रैल को वे सबूत लेकर अमरकंटक थाने पहुंचीं, जहां उन्हें साइबर सेल जाने की सलाह देकर लौटा दिया गया। अगले दिन भी वे थाने गईं और संदिग्धों के नाम, पते तथा मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। 24 मई को पुनः लिखित शिकायत दी गई तथा 29 मई को सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई गई।
आखिरकार शहडोल कमिश्नर और डीआईजी के हस्तक्षेप के बाद एफआईआर दर्ज हुई। हालांकि छात्राओं का कहना है कि उन्हें अब तक एफआईआर की प्रति नहीं मिली है। उनका कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और इंटरनेट मीडिया से फर्जी अकाउंट व अश्लील सामग्री पूरी तरह हटाई नहीं जाती, तब तक वे विश्वविद्यालय वापस नहीं लौटेंगी।







