श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :- कोतमाः वन परिक्षेत्र कोतमा के कल्याणपुर बीट अंतर्गत केवई नदी किनारे बीते दिनों बिना किसी वैध अनुमति के ठेकेदार द्वारा पोकलेन मशीन से दर्जनों फलदार एवं इमारती वृक्षों को उखाड़कर नष्ट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी गश्त के दौरान बीट प्रभारी मनोज चौधरी द्वारा वन परिक्षेत्र अधिकारी को दी गई थी, इसके बाद विभाग ने नोटिस जारी कर औपचारिक कार्रवाई प्रारंभ करने की बात कही है।
जानकारी अनुसार इस मामले को लगभग 15 दिन बीत जाने के बाद भी न तो मौके पर प्रयुक्त पोकलेन मशीन की जब्ती सुनिश्चित हो सकी है और ना ही संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध किसी ठोस एवं निर्णायक कानूनी कार्रवाई का स्पृष्ट परिणाम सामने आया है।
जमीनी स्तर पर कार्रवाई की यह धीमी गति अब वन परिक्षेत्र अधिकारी की कार्यशैली, निर्णय क्षमता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है। आरोप है कि यदि सूचना मिलते ही मशीन को तत्काल जब्त कर विधिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाती, तो बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई को रोका जा सकता था।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वन क्षेत्र में निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था कमजोर पड़ने के कारण ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसका सीधा असर क्षेत्रीय हरित आवरण, जैव विविधता और नदी किनारे की प्राकृतिक संरचना पर पड़ रहा है, जिससे पर्यावरणीय असंतुलन की स्थिति और अधिक गंभीर होती जा रही है। ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निलेश पांडे ने मामले को गंभीर बताते हुए सीसीएफ शहडोल से चर्चा की ।







