श्रेया न्यूज़ शहडोल द्रोपती धुर्वे :- प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा में शनिवार शाम करीब छह बजे अग्रवाल लॉज के पास नींव की खुदाई के दौरान लगभग 15 फीट गहरा गड्ढा बनने से बहुमंजिला इमारत अचानक धराशायी हो गई। इस इमारत में लॉज संचालित हो रही थी। हादसे में तीन मलबे में जिंदा दफन हो गए, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं। घायलों में से दो को गंभीर हालत में शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। इधर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए लॉज संचालक और पास वाले प्लॉट मालिक पर भी केस दर्ज कर लिया है।
करीब 24 घंटे बाद रविवार शाम करीब 4 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया। हालांकि, एहतियातन मलबा हटाने का कार्य जारी है। साथ ही बगल में स्थित क्षतिग्रस्त किराना दुकान को संभावित खतरे के मद्देनजर तोड़ने की कार्रवाई प्रारंभ की गई। इसका दुकान संचालक ने विरोध किया।
शनिवार शाम हुए हादसे के तुरंत बाद अनूपपुर पुलिस-प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया था। दिनरात लगातार मलबा हटाने और फंसे लोगों की तलाश का अभियान चला। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एसईसीएल और निजी कंपनी की रेस्क्यू टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। डॉग स्क्वायड और भारी मशीनों की मदद से मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया। शनिवार रात दो शव निकाले गए थे, जबकि रविवार सुबह करीब 11:30 बजे तीसरे शव को बाहर निकाला गया। इसके बाद भी पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए मलबा हटाने का कार्य जारी रखा गया।
रात भर मौजूद रहे मंत्री और प्रभारी मंत्री
मौके पर कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल घटना की सूचना मिलने के बाद से ही उपस्थित रहे और शनिवार रात भर और रविवार को भी वहां मौजूद रहे। इसके साथ ही रात लगभग 3:00 बजे प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार भी मौके पर पहुंचे। दोनों ही मंत्री रेस्क्यू कार्य पर नजर बनाए रहे।
बनारस और भिलाई से आई एनडीआरएफ की दो टीमें
रेस्क्यू कार्य में देरी होने और घायलों को तत्काल सहायता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार रात 3:00 बजे तथा रविवार सुबह 7:00 बजे एनडीआरएफ की दो टीमें मौके पर पहुंचीं। बनारस से 41 सदस्यों की टीम यहां रेस्क्यू के लिए आई। वहीं, भिलाई से 36 सदस्य टीम मौके पर पहुंची। टीम के साथ डॉग स्क्वॉड भी मौजूद थे, जो मलबे में दबे लोगों की जानकारी जुटा रहा है।







