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बारिश और ओलावृष्टि से संकट में किसान: बैतूल व शिवपुरी में सब्जियों समेत फसलों को भारी नुकसान, मुआवजे की मांग

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श्रेया न्यूज़ शहडोल नीलू राठौर :-     बारिश और ओलावृष्टि की वजह से मध्य प्रदेश के कई जिलों के किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। शिवपुरी में 20 मिनट तक हुई तेज बारिश और ओलों ने फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। वहीं बैतूल में भी तेज बारिश और आंधी ने तबाही मचाई है। अन्य जिलों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही बनी हुई है। हालांकि, नुकसान का आंकलन अभी तक नहीं हो पाया है। किसानों ने सरकार से मदद की अपील की है।
मध्य प्रदेश में बेमौसम बारिश ने जहां एक ओर गर्मी से थोड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए यह भारी नुकसानदायक साबित हो रही है। अधिकांश जिलों में खेतों से लेकर खलिहानों तक फसलें पकी खड़ी हैं या रखी हुई हैं, जो बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हुई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर बना रह सकता है। प्रदेश के 30 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। वहीं, विंध्य क्षेत्र के जिलों में बारिश का असर कम देखने को मिला है। यहां फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। 

फसलों के नुकसान का सही आंकलन अभी नहीं हो पाया
शिवपुरी जिले के पिछोर कस्बे और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दिनभर की सामान्य गर्मी के बाद बीती शाम करीब 5:45 बजे आसमान पर घने बादल छा गए। बारिश के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। करीब 20 मिनट तक चली इस तेज बारिश और ओलों ने पूरे क्षेत्र को पानी-पानी कर दिया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, नुकसान का सही आंकलन अभी नहीं हो पाया है, लेकिन किसानों के चेहरों पर चिंता साफ नजर आई। इस समय रबी की फसल कटाई के कगार पर है, ऐसे में इस तरह की प्राकृतिक आपदा किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। वहीं, किसान खलिहानों में रखी फसलों पर तिरपाल से ढकते हुए दिखें हैं।

 यहां तेज आंधी-बारिश और चक्रवाती तूफान से तबाही

बैतूल में सब्जियों समेत अन्य फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। तेज आंधी, बारिश और चक्रवाती हवाओं के कारण कई गांवों में जनजीवन प्रभावित हुआ। विशेष रूप से देवठान गांव में इस तूफान का व्यापक असर देखने को मिला, जहां कई घरों की छतें उड़ गईं और किसानों की खेतों में रखी फसल भी खराब हो गई। ग्रामीण मनोज कुमार ने बताया की मकानों की टीन और खपरैल की छतें उड़ी हैं। अचानक आए इस तूफान से लोग घबरा गए और अपनी जान बचाने के लिए घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। खेतों में कटाई के बाद रखी गेहूं की फसल तेज बारिश और हवा की वजह से खराब हो गई। इसके अलावा सब्जियों की खेती, खासकर टमाटर और अन्य फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि कई महीनों की मेहनत कुछ ही मिनटों में बर्बाद हो गई। बिजली की व्यवस्था ठप हो गई।  खंभे झुक गए और बिजली के तार टूट गए।

विदिशा व सीहोर जिले में बुधवार शाम अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। दिनभर सामान्य रहने के बाद शाम करीब 6 बजे तेज हवा, बादलों की गड़गड़ाहट और कई इलाकों में जोरदार ओलावृष्टि शुरू हो गई। ओलों की मार से खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

जानकारी के अनुसार, नटेरन और गुलाबगंज क्षेत्र के कई गांव इस आपदा की चपेट में आए। विशेष रूप से गुलाबगंज के अंडिया कला गांव में गेहूं, चना और सरसों की फसल को गंभीर नुकसान हुआ है। वहीं नटेरन क्षेत्र के परसोरा, आमऊखेड़ी और दिताखेड़ी गांवों में भी ओलावृष्टि से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।

सीहोर में खड़ी फसल गिरी
तेज हवाओं की रफ्तार करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे कई स्थानों पर गेहूं की खड़ी फसल जमीन पर गिर गई। जिन किसानों की फसल कटाई के लिए तैयार थी, उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है। फसल के गिरने से उत्पादन घटने की आशंका है, जिसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ेगा।

 

Shreya News
Author: Shreya News

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