SUBSCRIBE NOW

Home » अपराध » लैपटॉप से बनाया फर्जी ‘अपॉइंटमेंट लेटर’, MP में फर्जी बिजली कर्मचारी बनकर SBI से ठगे 10.50 लाख रुपये

लैपटॉप से बनाया फर्जी ‘अपॉइंटमेंट लेटर’, MP में फर्जी बिजली कर्मचारी बनकर SBI से ठगे 10.50 लाख रुपये

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल :-  शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की सोहागपुर पुलिस ने बैंकिंग धोखाधड़ी के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है जिसने फर्जी एमपीईबी (MPEB) कर्मचारी बनकर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को ₹10,50,500 का चूना लगाया था।

फर्जी दस्तावेजों से मिला ‘एक्सप्रेस क्रेडिट लोन’

जानकारी के अनुसार, सागर जिले की निवासी बिशाखा दांगी (36 वर्ष) ने शहडोल के बस स्टैंड स्थित एसबीआई कुदरी रोड शाखा में एक्सप्रेस क्रेडिट लोन के लिए आवेदन दिया था। उसने खुद को बिजली विभाग अनूपपुर में ‘लाइनमैन अटेंडेंट’ के पद पर कार्यरत बताया था। आवेदन के साथ उसने फर्जी नियुक्ति पत्र, पे-स्लिप और बैंक स्टेटमेंट जमा किए। बैंक ने दस्तावेजों को सही मानते हुए 10 लाख 50 हजार 500 रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया। राशि प्राप्त करते ही आरोपी महिला फरार हो गई और लोन की किस्तें जमा करना बंद कर दिया।

जांच में खुली पोल, सायबर सेल की मदद से गिरफ्तारी

जब बैंक मैनेजर क्रांति कुमार साहू ने मामले की आंतरिक जांच कराई, तो पता चला कि बिशाखा दांगी नाम की कोई भी महिला बिजली विभाग में पदस्थ नहीं है। 02 सितंबर 2025 को सोहागपुर थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। सायबर सेल की तकनीकी सहायता से आरोपी का लोकेशन नर्मदापुरम (भोपाल) में मिला। 21 फरवरी को सोहागपुर पुलिस की टीम ने उसे नर्मदापुरम स्थित एक किराए के मकान से धर दबोचा।

यूट्यूब और लैपटॉप का किया इस्तेमाल

पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसे पैसों की सख्त जरूरत थी और उसे पता चला कि सरकारी नौकरी वालों को बैंक जल्दी लोन देते हैं। उसने अपने स्वयं के लैपटॉप से पुराने नियुक्ति आदेशों को एडिट कर ऑनलाइन फर्जी आफर लेटर और पे-स्लिप तैयार की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।

Shreya News
Author: Shreya News

Leave a Comment

READ MORE

Join Us