श्रेया न्यूज़ द्रोपती धुर्वे शहडोल :- उमरियाः कल्दा स्कूल में झूमने वाली छात्राओं पर किसी भूत-प्रेत का साया नहीं था बल्कि उन पर माइर्लिंगरिंग या अटेंशन सीकिंग बिहेवियर का प्रभाव था। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी वीएस चंदेल द्वारा डाक्टर के परामर्श उपरांत पाया गया कि बच्चों में माइलिंगरिंग या अटेंशन सीकिंग कबिहेवियर नामक प्रवृत्ति पाई गई थी जो छात्राओं के उपचार के दौरान सामान्य है एवं पाया गया कि बच्चे स्वस्थ हैं।
कल्दा हाई स्कूल के प्राचार्य सूरज लाल मरावी द्वारा 17 एवं 18 फरवरी को कल्दा हाई स्कूल में छात्राओं व्दारा बाल खोलकर अपने आप में झूमने के संबंध में सूचना दी गई, जिस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा तत्काल नौरोजाबाद स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर के एल बघेल की उपस्थिति में टीम बनाकर हाई स्कूल प्रव कल्दा भेजा गया। डा. केएल बघेल एवं टीम में शामिल सामुदायिक स्वास्थ्य है। अधिकारी, सुपरवाइजूर, एएनएम, आशा कुम कार्यकर्ता के माध्यम से जांच एवं उपचार प्रारंभ किया गया। इसके पश्चात चार छात्राओं को प्रथमोपचार के उपरांत बड़ी अस्पताल भेज दिया गया था।







