श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- शहडोल में 12वीं के छात्र को हिरासत में लेकर जेल भेजने के मामले ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस की ‘जन आक्रोश रैली’ में नेताओं ने प्रशासन और सरकार पर तीखा हमला बोला।
पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने मंच से कहा, “अगर आज कलेक्टर यहां होते, तो हम भी लाठी मारते।” वहीं बिछिया विधायक ने आरोप लगाया कि “प्रदेश में कलेक्टरों को लठैत बना दिया गया है।”
क्या है पूरा मामला?
8 फरवरी को सीएम डॉ. मोहन यादव धनपुरी में कार्यक्रम के लिए शहडोल पहुंचे थे। गोपालपुर तिराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाने की कोशिश की। हंगामे के बाद पुलिस ने करीब 40 लोगों को हिरासत में लिया।
इसी दौरान 17 साल 8 महीने का एक छात्र भी पकड़ा गया। आरोप है कि मौके पर कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने लाठी लेकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। छात्र को धारा 151 के तहत वयस्क मानते हुए जेल भेज दिया गया।
छात्र की 12वीं की परीक्षा छूटी
दस्तावेजों की जांच में छात्र की जन्मतिथि 22 मई 2008 पाई गई, जिससे वह नाबालिग निकला। लेकिन तब तक उसे बुढार जेल भेजा जा चुका था। मंगलवार सुबह रिहा होने के कारण वह 12वीं बोर्ड की अंग्रेजी परीक्षा नहीं दे सका। परिजन का आरोप है कि समय पर उम्र की जांच होती तो छात्र की परीक्षा नहीं छूटती।
एसपी ने कहा था-बाद में नाबालिग होने की पुष्टि
एसपी रामजी श्रीवास्तव ने कहा कि गिरफ्तार लोगों द्वारा बताई गई उम्र के आधार पर दस्तावेज तैयार किए गए थे। शहडोल जोन की आईजी चैत्रा एन के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय उम्र स्पष्ट नहीं हो पाई थी, बाद में नाबालिग होने की पुष्टि हुई। मामले में वैधानिक कार्रवाई की बात कही गई है।

कांग्रेस ने कहा- 2028 में हिसाब होगा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की अगुवाई में जयस्तंभ चौक से रैली निकली। आंबेडकर चौक पर माल्यार्पण के बाद सभा हुई और फिर कलेक्ट्रेट तक मार्च कर ज्ञापन सौंपा गया। नेताओं ने कहा कि 2028 में सत्ता परिवर्तन होने पर “चुन-चुन कर हिसाब” लिया जाएगा। रैली के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
कलेक्टर नहीं मिले तो विधायकों से दिलवा दिया ज्ञापन
कलेक्टोरेट में जब जीतू पटवारी कार्यकर्ताओं के साथ ज्ञापन देने पहुंचे, तो ज्ञापन लेने एसपी रामजी श्रीवास्तव, एडीएम सरोधन सिंह, जिला पंचायत सीईओ शिवम प्रजापति समेत अन्य अधिकारी थे। कलेक्टर केदार सिंह भोपाल मीटिंग में होने के कारण अनुपस्थित थे। पटवारी कलेक्टर के इंतजार में खड़े अफसरों तक नहीं पहुंचे। वे अफसरों से करीब 10 मीटर दूर चबूतरे पर खड़े हो गए।
वहां से एसपी के पीछे खड़े फायर फाइटर की तरफ इशारा करते हुए एसपी से कहा “हमें इसकी जरूरत नहीं है। आपके पास माइक हो, तो दिलवा दीजिए, ताकि संवाद में आसानी होगी” पुलिस ने इनकार किया, तो कांग्रेस नेताओं ने व्यवस्था की। इसके बाद पटवारी ने वहां मौजूद विधायकों और जिला अध्यक्ष को ज्ञापन देने भेज दिया।







