श्रेया न्यूज़ शहडोल द्रोपती धुर्वे :- उत्तर वनमंडल के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत बीट बनचाचर (ग्राम करपा) में दो बाघों की संदिग्ध मृत्यु के मामले में वन विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए न केवल वन अपराध प्रकरण दर्ज किए गए हैं, बल्कि प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अधिकारियों पर भी अनुशासनात्मक कदम उठाए गए हैं।
उत्तर वनमंडल शहडोल की वनमंडलाधिकारी तरुणा वर्मा ने बताया कि बाघों की मृत्यु से संबंधित दो अलग-अलग वन अपराध प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें वन अपराध प्रकरण क्रमांक 10713/07 (दिनांक 01 फरवरी 2026) एवं वन अपराध प्रकरण क्रमांक 10713/08 (दिनांक 02 फरवरी 2026) शामिल हैं। दोनों मामलों में कुल सात आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा बताए गए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। साथ ही संभावित अपराध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए संबंधित वन क्षेत्र के सभी कक्षों में सघन गश्त बढ़ा दी गई है। वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
बाघ जैसे संरक्षित वन्यजीव की मृत्यु अत्यंत गंभीर विषय
विभागीय जांच में लापरवाही सामने आने पर कड़ा कदम उठाते हुए बीट बनचाचर के वनरक्षक (बीटगार्ड) राजेंद्र पुरी तथा मसीरा परिक्षेत्र के परिक्षेत्र सहायक बृहस्पति पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा जयसिंहनगर के वन परिक्षेत्राधिकारी दिनेश कुमार पटेल के विरुद्ध आरोप ज्ञापन प्रस्तावित किया गया है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव संरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाघ जैसे संरक्षित वन्यजीव की मृत्यु अत्यंत गंभीर विषय है और दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जांच पूर्ण होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







