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सुबह पिता से मांगे मैस के पैसे, दोपहर में लगा ली फांसी; आखिर 4 घंटों में MBBS छात्र अंतरिक्ष के साथ क्या हुआ?

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श्रेया न्यूज़ शहडोल द्रोपती धुर्वे :-   MP News: अंतरिक्ष की चचेरी बहन श्रुति के मुताबिक, अंतरिक्ष ने इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने के बाद बाद यहां के नियम कायदे व रैगिंग को लेकर शिकायत की थी। उसने बताया कि प्रोफेसर व सब लोग मिले हुए हैं। उसने बताया था कि कॉलेज में सभी बुलिंग और उसका मजाक उड़ाते हैं।

इंदौर। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के फर्स्ट ईयर के छात्र अंतरिक्ष की मौत को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन रैगिंग नहीं मान रहा है। जबकि स्वजनों के मुताबिक छात्र के साथ पिछले तीन माह से रैगिंग हो रही थी। छात्र ने इसकी जानकारी अपने माता-पिता को भी दी थी।

छात्र पिछले तीन माह में दो बार ग्वालियर स्थित भितरवार अपने घर पर गया था। इस दौरान वो दो बार रोया था। इसके अलावा एक बार इंदौर में एमजीएम मेडिकल कॉलेज को होस्टल से छात्र ने रोते हुए अपन स्वजनों से बात की थी। अंतरिक्ष की चचेरी बहन श्रुति के मुताबिक अंतरिक्ष ने इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने के बाद बाद यहां के नियम कायदे व रैगिंग को लेकर शिकायत की थी। उसने बताया कि प्रोफेसर व सब लोग मिले हुए हैं। उसने बताया था कि कॉलेज में सभी बुलिंग और उसका मजाक उड़ाते हैं।

उनके अपनी मां व पिता से चर्चा में बताया कि होस्टल का नियम था कि यदि मैस में कोई सीनियर मौजूद है तो प्रथम वर्ष के छात्रों को खड़े-खड़े प्लेट लेकर भोजन करना होगा, वो कुर्सी-टेबल पर बैठ नहीं सकते। वहीं प्रथम वर्ष के छात्रों को दोपहर 2.30 बजे तक यूनिफॉर्म चेंज करने की अनुमति नहीं थी। जूनियर छात्र रात को अपना गेट बंद करके नहीं सो सकते थे, ताकि कोई भी सीनियर रात में कभी भी उनके कमरे प्रवेश कर सके। सीनियर के सामने सिर झुकाकर अपने जूतों की ओर देखकर चलने की बाध्यता थी।

31 जनवरी को लिया था नया मोबाइल फोन, दोस्तों को दी थी पार्टी

श्रुति के मुताबिक 31 जनवरी को अंतरिक्ष ने ई-कॉमर्स वेबसाइट के माध्यम ऑनलाइन नया मोबाइल फोन बुलवाया था। नए फोन की खुशी में उसने अपने दोस्तों को 1 फरवरी को पार्टी भी दी थी। 2 फरवरी सुबह 8.30 बजे उसने अपने पिता को फोन कर मैस की फीस जमा करने के लिए दो हजार रुपये ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से भेजने के लिए कहा था। इससे स्पष्ट है कि 2 फरवरी की सुबह तक तो वो खुश था।

सवाल यह है कि आखिर उसके बाद ऐसा क्यों हुआ जो उसे आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। सभी पहलुओं पर हम कर रहे है जांच। छात्र की आत्महत्या के मामले की जांच के लिए दो कमेटियां गठित की गई है। पुलिस भी अपने स्तर पर जांच कर रही है।छात्र के स्वजनों ने हमारे सामने उसके साथ रैगिंग होने की बात नहीं कही है। छात्र इंट्रोवर्ड था। हमारी कमेटी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन एमजीएम मेडिकल कॉलेज।

Shreya News
Author: Shreya News

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