श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- Shahdol: शहडोल के जैतपुर वन परिक्षेत्र में रसमोहनी क्षेत्र में दो दिनों से भालू को पिंजरे में पकड़ने की कोशिश जारी है। पिंजरा खराब निकला, विवाद भी हुआ। भालू के वीडियो पहले से वायरल हैं।
शहडोल के जैतपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत रसमोहनी क्षेत्र में पिछले दो दिनों से भालू को पिंजरे में कैद कर रेस्क्यू करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अब तक वन विभाग को सफलता नहीं मिली है। पहले दिन जब पिंजरा मौके पर पहुंचाया गया तो वह खराब निकला, जिसके बाद अधिकारियों ने मुकुंदपुर से दूसरा पिंजरा मंगवाया। यह पिंजरा पवन किराना स्टोर के पास रखा गया है और उसके अंदर भालू को लुभाने के लिए खाने-पीने की सामग्री भी रखी गई है।
उल्लेखनीय है कि यह भालू पिछले करीब दो महीनों से रसमोहनी क्षेत्र में लगातार आना-जाना कर रहा है। जिस किराना दुकान के पास पिंजरा लगाया गया है, उसी दुकान के बाहर रखी नमक की बोरियां खाते हुए भालू दो बार सीसीटीवी कैमरे में कैद हो चुका है। इसके अलावा कुरकुरे लोड वाहन से कुरकुरे निकालकर खाते हुए भालू का वीडियो भी सामने आया था, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ और भालू चर्चा में आ गया।
स्थानीय ग्रामीण शुरू से ही वन विभाग से मांग कर रहे थे कि घनी आबादी के बीच घूम रहे इस भालू को जल्द से जल्द रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा जाए, क्योंकि इससे लोगों की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है। आरोप है कि वन विभाग ने लंबे समय तक लापरवाही बरती। बीते दिनों गोहपारू वन परिक्षेत्र में भालू के हमले से एक चरवाहे की मौत के बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और रसमोहनी क्षेत्र में रेस्क्यू की तैयारी शुरू की।
हालांकि सोमवार रात लगाए गए पिंजरे तक भालू नहीं पहुंचा। मंगलवार को भी पिंजरा उसी मार्ग पर रखा गया है, जहां से भालू पिछले दो महीनों से आवाजाही कर रहा है। डीएफओ दक्षिण वन मंडल श्रद्धा पेंद्रो ने बताया कि भालू के रेस्क्यू के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बाजार क्षेत्र में भालू के खाने की सामग्री के साथ पिंजरा लगाया गया है और वन विभाग की टीम मौके पर तैनात है।







