श्रेया न्यूज़ शहडोल सीमा सिंह :- MP News: रोजगार गारंटी योजना में जाब कार्ड बनाने के दौरान बडी मनमानी सामने आ रही है। मनरेगा में जाब कार्ड बनाते समय मैंपिंग करने में इस कदर मनमानी की गई कि जिले के डिंडौरी जनपद क्षेत्र में ही 61 महिला श्रमिकों को ट्रांसजेंडर बना दिया गया।
डिंडौरी। रोजगार गारंटी योजना में जाब कार्ड बनाने के दौरान बडी मनमानी सामने आ रही है। मनरेगा में जाब कार्ड बनाते समय मैंपिंग करने में इस कदर मनमानी की गई कि जिले के डिंडौरी जनपद क्षेत्र में ही 61 महिला श्रमिकों को ट्रांसजेंडर बना दिया गया। जनपद क्षेत्र डिंडौरी की ग्राम पंचायत मडियारास में सबसे अधिक 51 महिलाओं को ट्रांसजेंडर बनाने का गंभीर मामला सामने आया है। जाब कार्ड आनन फानन में बनाने के चलते मनमानी होने के आरोप लग रहे हैं। सरकारी रिकार्ड में ट्रांसजेंडर बन गई महिला श्रमिकों और उनके परिजनों को अब तक भनक भी नहीं लगी है।
लापरवाही सामने आने के बाद आनन फानन में सुधार के लिए पत्राचार भी जनपद स्तर पर शुरू हो गया है। इस पूरी मनमानी पर रोजगार सहायकों की भूमिका पर गंभीर सवाल खडे हो रहे हैं। बताया गया कि जाब कार्ड बनाने के दौरान महिला, पुरूष के साथ ट्रांसजेंडर का विकल्प रहता है। इसी में बडी चूक करते हुए महिला श्रमिकों के सामने ट्रांसजेंडर क्लिक करके जाब कार्ड बना दिया गया। लंबे समय से उसी आधार पर संबंधित श्रमिकों को भुगतान भी मिल रहा है। बताया गया कि यह बडी मनमानी करने पर भुगतान करने में तो कोई समस्या नहीं आ रही है, लेकिन ग्रामीण अंचल में एक ही पंचायत पर इतनी बडी संख्या में आनलाइन ट्रांसजेंडर मजदूरों का दिखना अधिकारियों को चिंता में डाल रहा है।
अन्य पंचायतों में भी इसी तरह की मनमानी
बताया गया कि डिंडौरी जनपद क्षेत्र कुल 61 महिला श्रमिकों को ट्रांसजेंडर बनाने का मामला सामने आया है। 51 तो मडियारास ग्राम पंचायत में है, शेष आधा दर्जन और ग्राम पंचायत हैं जहां इस तरह की मनमानी सामने आई है। इसी बडी मनमानी पर मडियारास के रोजगार सहायक गोवर्धन ठाकुर का तर्क है कि उनकी पदस्थापना के पहले ही यह मनमानी हुई थी। सुधार के लिए पत्र भेजा गया है, लेकिन अब भी कोई सुधार नहीं हो रहा है। इस मामले में जनपद से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारी भी सक्रिय तो हैं, लेकिन कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जा सका है।
इसी के चलते लगातार समस्या बढ रही है। लोगों ने इस ओर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। बताया गया कि अब जब कि मामला ग्रामीणों के बीच सामने आ रहा है तो महिलाओं और उनके परिजनों में नाराजगी बढ रही है। लोगों का आरोप है कि इस तरह की मनमानी करके उनके पहचान में ठेस पहुंचाई जा रही है। प्रभावित लोगों ने जिम्मेदारों की लापरवाही पर आवश्यक कार्यवाही करने की मांग कलेक्टर से की है।
जाब कार्ड ऑनलाइन बनाते समय गलत मैपिंग के चलते यह समस्या आई है। मडियारास ग्राम पंचायत में सबसे अधिक 51 महिला श्रमिकों के नाम गलती से ट्रांसजेंडर में क्लिक करने से यह समस्या आई है। जनपद की कुछ और पंचायतों में भी एक दो नाम में यह त्रुटि हुई है। कुल 61 श्रमिकों के नाम ट्रांसजेंडर में चले गए हैं। जानकारी लगने के बाद जिला पंचायत सुधार के लिए पत्राचार किया जा रहा है। अनुमति मिलते ही इसमें सुधार कर लिया जाएगा। रोजगार सहायक को भी लापरवाही पर सख्त हिदायत दी गई है- भोजराज परस्ते, एपीओ मनरेगा जनपद डिंडौरी।










